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Dharali Cloudbrust...जहां फटा था बादल वहां बन गई झील, तबाही के बाद दिखा ऐसा नजारा; देखें प्रकृति का अद्भुत Video

धराली में 5 अगस्त को बादल फटने के कारण आई अचानक बाढ़ के बाद हर्षिल में एक झील बन गई है। मातली हेलीपैड से आपदा प्रभावित क्षेत्रों धराली और हरसिल तक हेलीकॉप्टरों के माध्यम से हवाई अभियान लगातार तीसरे दिन भी जारी है। आज सुबह 8 बजे तक 52 लोगों को आईटीबीपी मटली में स्थानांतरित कर दिया गया है। ब

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हरसिल वैली में बनी झील

उत्तरकाशी : उत्तराखंड में उत्तरकाशी जिले के 5 अगस्त को बादल फटने से भारी तबाही के बाद हालात सामान्य करने की कवायत चल रही है। बादल फटने के कारण आई अचानक बाढ़ के बाद हर्षिल घाटी के पास एक झील बन गई है, जो बेहद अद्भुत नजर आ रहा है। उधर, मातली हेलीपैड से लगातार तीसरे दिन भी धराली और हर्षिल के आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए हेलीकॉप्टरों के माध्यम से हवाई अभियान जारी है। उत्तराखंड सरकार ने एएनआई को बताया कि बचाव अभियान जारी है और शनिवार की सुबह 8 बजे तक 52 लोगों को आईटीबीपी मटली में स्थानांतरित कर दिया गया है। बचाव दलों के साथ-साथ सभी प्रकार की राहत सामग्री की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है। अब तक बाहर निकाले गए श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की कुल संख्या 620 के आसपास हो गई है।

जानकारी के मुताबिक, गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई मार्गों के क्षतिग्रस्त होने के कारण बचाव और राहत कार्यों को हवाई मार्ग के जरिये अंजाम दिया जा रहा है। अकेले शुक्रवार को दोपहर तक 128 श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए बाहर निकाला गया। इन लोगों को निकालकर भारत तिब्बत सीमा पुलिस के मातली हेलीपैड पर लाया गया है ।

पांच अगस्त को दोपहर बाद बादल फटने से खीरगंगा नदी में आयी भीषण बाढ़ में चार लोगों की मृत्यु हो गयी थी। आपदास्थल से दो शव बरामद किये गए हैं। उत्तराखंड राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, आपदा में सेना के नौ जवानों समेत 16 लोग लापता हुए हैं । हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि आपदा में लापता हुए लोगों की संख्या कहीं ज्यादा हो सकती हैं क्योंकि घटना के समय वहां निर्माणाधीन होटलों में काम कर रहे नेपाल और बिहार के मजदूर तथा वहां के होटलों में रुके पर्यटक भी थे ।

हेलीकॉप्टर ऑपरेशन जारी

उत्तराखंड सरकार के अलावा सेना के चिनूक एवं एम-17 हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जा रहा है। धराली में लगे मलबे के ढेर में लापता लोगों की तलाश के लिए उन्नत उपकरणों को भी हवाई मार्ग से मौके पर पहुंचाया जा रहा है। प्रभावित इलाकों में खाद्य तथा अन्य जरूरी सामग्री भी हेलीकॉप्टर के जरिए भेजी जा रही है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के एक अधिकारी ने कहा कि विभिन्न जगहों पर सड़कें टूटी होने के कारण बचाव अभियान के लिए हवाई मार्ग पर ही अधिक जोर दिया जा रहा है।

धराली में सीएम का डेरा

स्वयं प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बचाव एवं राहत कार्यों की देखरेख के लिए बुधवार से ही उत्तरकाशी जिला मुख्यालय में डेरा डाले हुए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को सड़क, संचार और बिजली की बहाली के साथ-साथ खाद्यान्न आपूर्ति के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। धामी ने कहा कि हम शीघ्र से शीघ्र सभी प्रभावितों को सुरक्षित निकालने और सामान्य जनजीवन बहाल करने का प्रयास कर रहे हैं। बचाव एवं राहत अभियान में केंद्र सरकार से पूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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