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RG Kar Case: सबूत मिटाने और जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने के आरोपी TMC नेता सोमनाथ डे बेंगलुरु से गिरफ्तार

RG Kar Case: RG कर मेडिकल कॉलेज दुष्कर्म-हत्या मामले में पानीहाटी नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन सोमनाथ दे को बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया गया है। उन पर पीड़िता का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करवाकर सबूत मिटाने का आरोप है।

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पानीहाटी नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन सोमनाथ डे गिरफ्तार

Photo : ANI

RG Kar Case: कोलकाता के RG कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए भयावह दुष्कर्म और हत्या मामले की जांच में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पश्चिम बंगाल की पुलिस ने पानीहाटी नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन और तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता सोमनाथ डे को बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया है। सोमनाथ डे पर आरोप है कि उन्होंने अपराध के बाद प्रशासनिक प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए पीड़िता के शव का आनन-फानन में अंतिम संस्कार करवाया, ताकि मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नष्ट किया जा सके।

अंतर्राज्यीय छापेमारी और तड़के बंगाल वापसी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, खरदह थाने की विशेष टीम ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से सोमनाथ डे के ठिकाने का पता लगाया और बुधवार तड़के बेंगलुरु के एक गेस्ट हाउस से उन्हें दबोच लिया। बेंगलुरु की स्थानीय अदालत से तीन दिन के ट्रांजिट रिमांड पर लेने के बाद पुलिस टीम उन्हें गुरुवार तड़के करीब 2:20 बजे पश्चिम बंगाल लेकर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उन्हें बैरकपुर अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए हिरासत में लेने की तैयारी कर रही है।

सबूत मिटाने का गंभीर आरोप

आरजी कर अस्पताल के सेमिनार हॉल में ड्यूटी पर तैनात जूनियर महिला डॉक्टर का शव मिलने के बाद से ही नागरिक समाज, पीड़िता के परिवार और जांच एजेंसियों ने प्रक्रियात्मक लापरवाही और पानीहाटी श्मशान घाट पर शव के असामान्य रूप से जल्दबाजी में किए गए दाह-संस्कार पर गंभीर सवाल उठाए थे।

पीड़ित परिवार द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी (FIR) में आरोप लगाया गया था कि परिजनों की पूर्ण सहमति और कानूनी औपचारिकताओं के बिना अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को आनन-फानन में पूरा कराया गया। श्मशान घाट की वेटिंग लिस्ट में हेरफेर कर शव को प्राथमिकता पर जबरन जलाया गया। इस पूरी प्रक्रिया का मकसद दूसरे पोस्टमार्टम की संभावना को खत्म करना और केस से जुड़े अहम सबूतों को नष्ट करना था।

शिकंजे में प्रमुख अधिकारी और नेता

सोमनाथ दे इस मामले दर्ज नई प्राथमिकी में गिरफ्तार होने वाले तीसरे प्रमुख आरोपी हैं। इससे पहले पानीहाटी के पूर्व टीएमसी विधायक निर्मल घोष और पीड़िता के एक पड़ोसी (संजीव मुखर्जी) को भी पुलिस हिरासत में लिया जा चुका है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों की यह कार्रवाई दर्शाती है कि घटना के तुरंत बाद लीपापोती करने, साक्ष्यों को नष्ट करने और जांच में हस्तक्षेप करने वाले उच्च पदस्थ अधिकारियों और नेताओं पर शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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