Mahisagar Gujarat News: शादी का झांसा देकर भोले-भाले युवाओं और उनके परिवारों को चूना लगाने वाले 'लुटेरी दुल्हन' गिरोह की कारस्तानियों की परतें महिसागर स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने उघेड़ दी हैं। जिले के कोठंबा तालुका स्थित खारोल गांव में एक युवक से शादी के नाम पर 5.27 लाख रुपये की बड़ी ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया था। शिकायत दर्ज होने के तीन महीने बाद SOG ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए इस गिरोह से जुड़े एक कथित एजेंट, एक महिला आरोपी और कानून के उल्लंघन में आई एक किशोरी को राजस्थान सीमा से हिरासत में ले लिया है।
फर्जी आधार कार्ड से छिपाई उम्र
पुलिस जांच में जो बातें सामने आई हैं, वे बेहद चौंकाने वाली हैं। खारोल गांव के पीड़ित युवक के लिए शादी का रिश्ता लाया गया था। आरोपी भरत चावड़ा और उसकी पत्नी निकिता चावड़ा ने कानून के उल्लंघन में आई एक किशोरी को अपनी बेटी बताकर युवक के सामने विवाह प्रस्ताव रखा। आरोपी दंपति ने किशोरी की असली पहचान और उम्र छिपाने के लिए जाली आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज तैयार करवाए।विवाह और ठगी: रस्मों-रिवाज से विवाह कराया गया। शादी के कुछ दिनों बाद किशोरी अचानक ससुराल से गायब हो गई। लाखों की लूट: शादी की व्यवस्था और गहने-नकद के नाम पर अलग-अलग मौकों पर पीड़ित परिवार से 5 लाख 27 हजार रुपये वसूले गए।ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने कोठंबा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
राजस्थान के ढाबे पर SOG की रेड: मुख्य आरोपी मौके से फरार
महिसागर SOG ने तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट के आधार पर जाल बिछाया। SOG ने पहले नटु गोहिल नाम के कथित एजेंट को पेटलाद तालुका के अडाल गांव से दबोचा। जांच की कड़ियां जोड़ते हुए टीम राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के सज्जनगढ़ स्थित एक ढाबे पर पहुंची, जहां से महिला आरोपी निकिता चावड़ा और उस किशोरी को बरामद किया गया। छापेमारी के दौरान मुख्य सरगना भरत चावड़ा भी वहां मौजूद था, लेकिन वह पुलिस की भनक लगते ही मौके से भागने में सफल रहा। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
15 साल से कम उम्र की किशोरी, पॉक्सो एक्ट के तहत भी जांच तेज
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि भरत चावड़ा और निकिता चावड़ा करजन के पास स्थित एक गांव से दो लड़कियों को लेकर आए थे और फर्जी माता-पिता बनकर उनके फर्जी विवाह करवा रहे थे। मामले में सबसे गंभीर मोड़ तब आया जब पता चला कि शादी में शामिल की गई किशोरी की उम्र 15 वर्ष से भी कम है। इस तथ्य के सामने आने के बाद महिसागर पुलिस अब धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) और बाल विवाह निषेध अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत भी कानूनी कार्रवाई कर रही है।
