Navi Mumbai News: बीते दिनों राजधानी दिल्ली से एक घटना सामने आई, जिसमें चलती बस में एक नाबालिग को हवस का शिकार बनाया गया था। नए सिरे से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने शुरू हुए, जिसके बहाने स्लीपर बसों के पर्दे और कर्मचारियों के पुलिस वेरिफिकेशन पर सख्ती बरतने की हिदायतें आईं लेकिन जब बच्चों को घर से स्कूल और वापस घर पहुंचाने वाली बसें जब खुद ही अनहोनी का अड्डा बनने लगें, तो ऐसे मामलों में पेचीदगियां बढती ही दिखाई देंगी। नवी मुंबई से एक ऐसी ही झकझोर देने वाली और घिनौनी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में गुस्सा और चिंता बढ़ा दी है। यहां महज 3 साल की मासूम बच्ची के साथ प्राइवेट स्कूल बस के चालक द्वारा कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 30 वर्षीय आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है और उसे अदालत में पेश किया है।
बस में अकेली पाकर की नीच करतूत
जानकारी के मुताबिक, आरोपी चालक एक प्राइवेट बस चलाता था, जिसे स्कूल प्रशासन ने बच्चों को लाने और ले जाने के लिए लगाया हुआ था। घटना बुधवार दोपहर की बताई जा रही है। स्कूल की छुट्टी होने के बाद ड्राइवर बच्चों को उनके घर छोड़ने जा रहा था। रास्ते में एक-एक कर बच्चे अपने स्टॉप पर उतरते गए और एक वक्त ऐसा आया जब बस में 3 साल की मासूम अकेली रह गई। इसी सुनसान मौके का फायदा उठाकर आरोपी चालक ने मासूम के साथ दरिंदगी और गलत हरकत की।
दादी के सामने खुला सच
जब बच्ची अपने घर पहुंची तो वह काफी सहमी हुई थी और उसने पेट में तेज दर्द की शिकायत की। परिवार वालों को जब अनहोनी का अंदेशा हुआ, तो प्यार से पूछने पर मासूम ने अपनी दादी को बस में चालक द्वारा की गई घिनौनी हरकत के बारे में बताया। परिवार ने बिना वक्त गंवाए तुरंत स्कूल प्रबंधन को इस घटना की सूचना दी और सीधे पुलिस थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।
POCSO और BNS के तहत मुकदमा दर्ज
परिजनों की तहरीर मिलते ही पुलिस हरकत में आई और आरोपी ड्राइवर को फौरन गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं और पॉक्सो कानून के तहत गंभीर मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी को पनवेल की सक्षम अदालत में पेश किया, जहां से अदालत ने उसे शनिवार तक पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है।
