UP Roadways Bus Rakshabandhan Free Travel: रक्षाबंधन का त्योहार 9 अगस्त को मनाया जाएगा। ऐसे में बहनें अपने भाइयों के घर का रुख करेंगी। लिहाजा, सरकार ने भी उनके आने-जाने और आसान सफर का ख्याल रखा है। रक्षाबंधन पर बहनों को यूपी रोडवेज बस में तीन दिन तक मुफ्त यात्रा का प्रावधान किया गया है। यानी 8, 9 और 10 अगस्त की रात तक महिलाओं को सफर करने के लिए टिकट नहीं खरीदनी होगी। ये सभी आयु वर्ग की महिलाओं के लिए सामान्य रूप से लागू है। सरकार का कहना है इस योजना से विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों, पिछड़े वर्गों और निम्न आय वर्ग की महिलाओं को रक्षाबंधन के अवसर पर यात्रा की सुविधा प्राप्त हुई है।
कितनी महिलाओं ने किया फ्री सफर?
सरकार ने दावा किया कि पिछले आठ वर्षों में रक्षाबंधन के अवसर पर करीब सवा करोड़ महिलाओं ने रोडवेज की बसों में नि:शुल्क यात्रा की है। इस क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन पर्व के मद्देनज़र आठ अगस्त की सुबह 6 बजे से दस अगस्त रात 12 बजे तक महिलाओं के लिए रोडवेज की बसों में नि:शुल्क यात्रा की हाल में घोषणा की है। यह पर्व नौ अगस्त को है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई/भाषा के बयान के मुताबिक, प्रदेश में 2017 में आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद रक्षा बंधन के मौक पर रोडवेज की बसों में महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा की योजना का लाभ 1.23 करोड़ से ज्यादा महिलाओं ने उठाया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना पर अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक का व्यय किया जा चुका है।
वर्ष 2017 में जहां लगभग 11 लाख महिलाओं ने इस सेवा का लाभ उठाया था, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर लगभग 20 लाख तक पहुंच गई। वर्ष 2023 में इस योजना के तहत सर्वाधिक महिलाओं ने यात्रा की, जब 29 लाख से अधिक महिलाओं ने रोडवेज बसों में नि:शुल्क सफर किया। वर्ष 2022 में भी 22 लाख से ज्यादा महिलाओं ने इस योजना का लाभ लिया था।
ग्रेटर नोएडा से चलेंगी अतिरिक्त बसें
वहीं, एनसीआर के शहर ग्रेटर नोएडा डिपो से राखी पर रोडवेज बसों के अतिरिक्त फेरे शुरु कर दिए गए हैं। हिंदुस्तान की खबर के हवाले से दोनों डिपो से 12 अगस्त तक स्पेशल बसें चलाई जाएगी। नोएडा डिपो ने जानकारी दी कि 305 बसें 1500 अतिरिक्त फेरे लगाएंगी। नोएडा और गेनो डिपो से मेरठ, आगरा, मथुरा, एटा, कासगंज, अलीगढ़, बदायूं, बरेली, सहरानपुर, लखनऊ और कानपुर समेत विभिन्न जिलों के लिए बसें संचालित रहेंगी। कमोबेश ऐसी ही व्यवस्थाएं प्रदेश के अन्य डिपो पर की गई हैं, ताकि यात्रियों को घर पहुंचने में परिवहन की समस्या न हो।
