कानपुर

Delhi-Varanasi Vande Bharat: अचानक रास्ते में फेल हो गई वंदे भारत एक्सप्रेस, मचा हड़कंप; फिर ऐसे घर भेजे गए यात्री

Delhi-Varanasi Vande Bharat: दिल्ली से वाराणसी के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन में तकनीकी खराबी के कारण इटावा के भरथना स्टेशन पर रोकना पड़ा। इस गाड़ी के यात्रियों को अन्य गाड़ी के जरिए आगे रवाना किया गया है।

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दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस

Photo : BCCL

Delhi-Varanasi Vande Bharat: नई दिल्ली से वाराणसी जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस सोमवार सुबह तकनीकी खराबी के कारण इटावा जिले के भरथना और साम्हो के बीच रुक गयी, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अमित सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह गाड़ी संख्या 22436, नयी दिल्ली–वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस के इंजन में तकनीकी खराबी आ गयी, जिससे यात्रियों को कई तरह दिक्कतें हुईं। चूंकि, मुख्य स्टेशन के बीच गाड़ी खराब हुई। लिहाजा, इस समस्या को सॉल्व करने में काफी वक्त लग गया।

दूसरी गाड़ियों से आगे भेजे गए यात्री

उन्होंने बताया कि यह गाड़ी भरथना-साम्हो के बीच तकनीकी खराबी के कारण रुक गयी। इसके बाद एक राहत इंजन वहां 10:24 बजे पहुंचा और गाड़ी को भरथना स्टेशन पर लाया गया। उन्होंने बताया कि इस गाड़ी के यात्रियों को अलग-अलग ट्रेनों के जरिये कानपुर रवाना किया गया।

विशेष गाड़ी से वाराणसी भेजे गए यात्री

सिंह ने बताया कि यात्रियों को कानपुर से वाराणसी भेजने के लिए एक विशेष गाड़ी का करीब पौने तीन बजे दोपहर इंतजाम किया गया। यह गाड़ी वंदे भारत के यात्रियों को लेकर वाराणसी के लिए रवाना हुई। इस दौरान रेलवे ने यात्रियों की खान पान सम्बन्धी सभी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त प्रबंध किये।

(इनपुट-भाषा)

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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