उत्तर प्रदेश को लगातार वंदे भारत ट्रेनों की सौगात मिल रही है। सबसे बड़ी आबादी वाले प्रदेश में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए भारतीय रेलवे नए कदम उठा रहा है। अबतक यूपी के खाते में 11 वंदे भारत आ चुकी हैं, जिनमें से वाराणसी-देवघर वंदे भारत काफी अहम साबित होने वाली है।
भारतीय रेल वाराणसी और झारखंड के देवघर के बीच कम समय में सफर कराने के लिए वंदे भारत चलाने का प्लान बना चुका है। वाराणसी को 6वीं वंदे भारत देकर दो राज्यों के मध्य रेलवे यातायात को मजबूत किया जाएगा।
पीएम नरेंद्र मोदी 15 सितंबर को वाराणसी-देवघर वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखा सकते हैं। इस हाईस्पीड गाड़ी के चलने से इधर, बाब काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग और उधर देवघर स्थित बैजनाथ धाम के दर्शन करने वाले यात्रियों को बेहद सहूलियत होगी।
इस वंदे भारत के जरिए बाबा विश्वनाथ से बैजनाथ धाम का रिश्ता और भी मजबूत होने वाला है। यह ट्रेन पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, बिहार में सासाराम, गया, नवादा और कीयूल जंक्शन पर ठहराव लेगी। यहां से यात्री दोनों तरफ आवागमन करने वाली वंदे भारत में सफर कर सकेंगे।
वाराणसी-देवघर वंदे भारत एक्सप्रेस वाराणसी कैंट स्टेशन से सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर खुलेगी और दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर देवघर स्टेशन पहुंचेगी। वापसी में दोपहर 3 बजकर 15 मिनट पर देवघर से चलकर रात 10 बजकर 20 मिनट पर वाराणसी कैंट पहुंचेगी।
वाराणसी-देवघर वंदे भारत एक्सप्रेस के एसी चेयरकार का किराया 1365 रुपये और एग्जीक्यूटिव का किराया 2415 रुपये है। इसमें खाने और नास्ते का भी बजट शामिल है। यदि यात्री ये सुविधाएं नहीं लेना चाहते तो इस सेवा को स्किप कर सकते हैं।
देवघर से वाराणसी की दूरी करीब 475 किलोमीटर है। यह वंदे भारत 7 घंटे में इतनी दूरी कवर करेगी। वैसे सामान्य ट्रेन से यात्रा का समय 9 घंटे हैं। अब भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से काशी और देवघर दर्शन करने के इच्छुक यात्री आराम से यात्रा कर सकते हैं। महज 7 घंटे में दोनों शहरों बीच यात्रा पूरी होने से एक दिन में ही दो बड़े तीर्थ स्थलों के दर्शन सुलभ होंगे।
वाराणसी-देवघर वंदे भारत एक्सप्रेस वाराणसी से ट्रेन संख्या 22500 बनकर चलेगी। वापसी में इसका नंबर 22499 होगा। इसकी टिकट के लिए आप भारतीय रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।