कानपुर

Kanpur: अब रोबोट बताएगा फसल के रोग, खेतों में घूमकर दवा भी छिड़केगा, CSA और IIT कानपुर का आविष्कार

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 5, 2023, 07:13 PM IST

Kanpur IIT Robot: चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) और आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों ने मिलकर एक ऐसा रोबोट तैयार किया है जो फसलों की बीमारी बताएगा। इसके साथ ही वह दवा का छिड़काव भी करेगा। इससे किसानों को राहत मिलेगी।

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आईआईटी कानपुर (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
  • रोबोट करेगा खेतों में दवा का छिड़काव
  • सीएसए और आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों ने बनाया रोबोट
  • आलू-टमाटर की फसल में लगने वाले रोगों की पहचान करेगा रोबोट

Kanpur Robot: कानपुर समेत उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए यह खबर राहतभरी है। कानपुर स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) और आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा रोबोट बनाया किया है जो आलू-टमाटर की फसल में लगने वाले रोगों की पहचान करेगा। इसके साथ ही रोबोट फसल पर दवा का छिड़काव भी करेगा। इसमें खास बात यह भी है कि खेतों में घूमकर यह बीमारियों का खुद ही पता लगाएगा। इसके साथ ही भविष्य में होने वाली बीमारियों की संभावनाओं पर भी यह रोबोट सचेत करेगा। वैज्ञानिकों ने इसे शस्य उपचार यंत्र का नाम दिया है। बुधवार को रोबोट का पेटेंट प्रमाण पत्र जारी किया गया।

सीएसए में पादप रोग विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एसके विश्वास के अनुसार, फिलहाल आलू और टमाटर की फसल के लिए रोबोट को विकसित किया गया है। रोबोट पौधों की कैनोपी, तापमान, आर्द्रता, बीमारी के लक्षणों की पहचान के बाद उसके प्रबंधन पर काम करेगा। इस रोबोट की मदद से किसान रोग के पहले ही प्रबंधन कर सकेंगे।

मनुष्यों पर रसायनों के दुष्प्रभाव भी होंगे कम

डॉ. एसके विश्वास ने कहा कि, यह रोबोट भविष्य में होने वाली बीमारियों की संभावनाओं पर भी आगाह करेगा। उन्होंने बताया कि, बीमारियों के पहले सूचना मिलने से उसका प्रबंधन जैविक तरीके से किया जा सकेगा, इससे मनुष्यों पर रसायनों के दुष्प्रभाव भी कम होंगे। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के डॉ. एसके विश्वास, आईआईटी के डॉ. महेंद्र कुमार गोहिल, डॉ. विशाख भट्टाचार्य और डॉ. अनिरुद्ध भट्टाचार्य ने इस रोबोट को विकसित किया है।

ऐसे काम करेगा यह रोबोट

डॉ. विश्वास के अनुसार, रोबोट में पहिए लगे हुए हैं, इस वजह से यह खेत में आसानी से घूम लेगा। रोबोट में सेंसर और कैमरे लगाए गए हैं। सेंसर पौधों के रोगों को चिह्नित करेगा। इसके बाद मेमोरी में नाम और फोटो समेत सेव होंगे। रोबोट में टंकी लगी हुई है, इसमें कीटनाशक भरा होगा। बीमारी का पता लगने पर रोबोट खुद ही पौधे पर कीटनाशक का छिड़काव करेगा। रोबोट की मेमोरी की पड़ताल करने पर बीमारी की जानकारी भी लग जाएगी।

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