कानपुर

Kanpur में CMO की कुर्सी पर कब्जे के लिए घमासान, HC के स्टे के बाद मचा बवाल

कानपुर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के पद को लेकर एक गंभीर विवाद उत्पन्न हो गया है। निलंबित CMO डॉ. हरिदत्त नेमी ने कोर्ट से स्टे प्राप्त कर कार्यालय में वापसी की, जबकि वर्तमान CMO डॉ. उदयनाथ भी वहां उपस्थित थे। विवाद की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पुलिस को बुलाना पड़ा।

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platform desk

कानपुर : उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के पद को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। निलंबित CMO डॉ. हरिदत्त नेमी, जिन्हें हाईकोर्ट से निलंबन पर स्टे मिला था, ने कार्यालय में लौटकर अपनी पुरानी कुर्सी पर बैठने का प्रयास किया। दूसरी ओर, वर्तमान CMO डॉ. उदयनाथ, जिन्हें हाल ही में शासन द्वारा नियुक्त किया गया था, ने भी कार्यालय में पहुंचकर स्थिति का सामना किया। दोनों अधिकारियों के बीच तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हुई, जिसके कारण पुलिस को बुलाना पड़ा। इस विवाद की जड़ें डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह और डॉ. नेमी के बीच पहले से चल रहे मतभेदों में हैं।

डीएम को मिली थी अनियमितताएं

मीडिया खबरों के मुताबिक, डीएम ने अस्पतालों के निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं पाई थीं और कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन डॉ. नेमी ने इसे नजरअंदाज कर दिया। इसके परिणामस्वरूप, शासन ने 19 जून को डॉ. नेमी को निलंबित कर दिया और डॉ. उदयनाथ को नया CMO नियुक्त किया।

हालांकि, डॉ. नेमी ने कोर्ट में याचिका दायर की और स्टे प्राप्त किया, जिसके बाद वह कार्यालय लौट आए। लेकिन शासन ने बुधवार को एक आदेश जारी कर स्पष्ट किया कि डॉ. नेमी अब CMO नहीं हैं और डॉ. उदयनाथ कानपुर के वैध CMO बने रहेंगे। इस घटनाक्रम ने स्वास्थ्य विभाग की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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