कानपुर: कानपुर शहर में एक गजब का कारनामा देखने को मिला, जहां इंदौर में लड़के से लड़की बनी प्रेमिका ने कानपुर पहुंचकर अपने कथित प्रेमी की कार में आग लगा दी। इससे जुड़े कुछ सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मिले हैं, जिनमें प्रेमिका कुप्पी में ज्वलनशील पदार्थ (पेट्रोल) भरकर लाई और वैभव नामक शख्स के घर के बाहर खड़ी कार में डालकर आग के हवाले कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल, आरोपी प्रेमिका खुद को बेकसूर बता रही है।
इंदौर से कानपुर पहुंची प्रेमिका
मामला थाना चकेरी इलाके के श्याम नगर का बताया जा रहा है। जहां, अज्ञात युवक द्वारा अनूप शुक्ला के घर की पार्किंग में खड़ी कार पर देर रात पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। पुलिस ने इंदौर निवासी दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। डीसीपी श्रवण कुमार के मुताबिक, निर्माना रेस्टोरेंट के मालिक अनूप शुक्ला के मुताबिक, रविवार को देर रात उनकी गाड़ी में पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई थी। पुलिस जांच पड़ताल कर आग लगाने वाले दो आरोपियों रोहन यादव और दीप तनवानिया को पकड़ लिया है।
कानपुर के वैभव शुक्ला से दीप के थे प्रेम संबंध
डीसीपी श्रवण कुमार ने बताया कि अनूप के पुत्र वैभव शुक्ला का प्रेम संबंध इंदौर में रहने के दौरान दीप नामक युवक से हो गए थे और दोनों ने एक दूसरे से शादी का वादा भी किया था। चूंकि, दीप थर्ड जेंडर से संबंधित था, इसलिए उसने अपना जेंडर फीमेल करा लिया। लेकिन, कुछ समय बाद दोनों के बीच अनबन हो गई और वैभव कानपुर चला आया। इस दौरान उसने शादी से भी इनकार कर दिया। शादी से मना करने पर बौखलाए दीप ने अपने एक साथी के साथ कानपुर आकार किराए पर एक स्कूटी ली और पेट्रोल लेकर सीधे वैभव शुक्ला के घर पहुंच गया। उसने घर के नीचे खड़ी कार में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। बताया जा रहा है कि दीप की मंशा थी कि जब वह गाड़ी में आग लगाएगा तब पूरा घर आग की चपेट में आ जाएगा। हालांकि, ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। समय रहते आग पर काबू पा लिया।
वैभव पर कार्रवाई की मांग
इधर, सूचना पर पहुंची पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से साक्ष्य एकत्रित किए तब मामला खुलकर सामने आया। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से इंदौर से आने वाली सभी बसों की सवारियों को चेक किया, तब पता लगा कि दीप अपने एक साथी के साथ कानपुर आया था। हालांकि, कांड करने से पहले उसने चकेरी थाने में जाकर वैभव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन मामला इंदौर में दर्ज होने के चलते पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद बदले की भावना से दीप ने अपने साथी के साथ मिलकर घटना को अंजाम दे दिया। डीसीपी का कहना है कि दीप अपने साथी के साथ इंदौर भागने की कोशिश कर रहा था, तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
हालांकि, प्रेस वार्ता के दौरान दीप अपनी बात कहना चाह रहा था, लेकिन पुलिस ने जबरन उसे महिला हेल्प डेस्क के कमरे में कैद कर दिया। उधर, दीप का कहना है कि हम दोनों ने एक दूसरे के साथ जीने मरने की कसमें खाईं थी और अब सारा दोष मेरे ऊपर मढ़ा जा रहा है। जबकि, वैभव फरार है। दीप ने मांग की है कि पुलिस उसे भी गिरफ्तार करे और उसके खिलाफ भी कार्रवाई करे।
