कानपुर

Delhi Blast: '...शाहीन ने कभी नहीं पहना बुर्का', पूर्व पति का चौंकाने वाला खुलासा- ऑस्ट्रेलिया में बसने का दिया था सुझाव

Delhi Blast: फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय से जुड़ी एक डॉक्टर शाहीन शाहिद, सोमवार को लाल किले के पास हुए विस्फोट के बाद गिरफ्तार किए गए लोगों में शामिल थीं। जांचकर्ताओं ने दावा किया है कि शाहीन भारत में जैश-ए-मोहम्मद की महिला भर्ती शाखा, जमात-उल-मोमिनात, का नेतृत्व कर रही थी। इस बीच, शाहीन के पूर्व पति ने चौंका देने वाले खुलासे किए।

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लाल किला विस्फोट मामले में गिरफ्तार डॉक्टर शाहीन शाहिद (फाइल फोटो)

Delhi Blast: दिल्ली के लाल किला विस्फोट मामले में गिरफ्तार डॉक्टर शाहीन शाहिद के पूर्व पति डॉ. जफर हयात ने बुधवार को बताया कि वह और उसकी पूर्व पत्नी ने अलग-अलग मेडिकल की पढ़ाई थी। दोनों की शादी 2003 में हुई और 2013 में उनका तलाक हो गया। उनकी महज एक बार शाहीन से बातचीत हुई थी जब उसने उन्हें ऑस्ट्रेलिया या यूरोप में बसने की सलाह दी थी।

हयात ने किए चौंका देने वाले खुलासे

हयात ने टाइम्स नाउ के साथ बातचीत में बताया कि मैंने शाहीन को तलाक नहीं था, वो खुद गई है। उसे कहां जाना था? उसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं थी। शाहीन के साथ आखिरी बातचीत को लेकर जब रिपोर्टर ने सवाल पूछा तो हयात ने बताया कि मैं ऑस्ट्रेलिया बगैरह जाना चाहती हूं, अगर आप तो बेहतर रहेगा, लेकिन मैं उन्हें जाने से मना कर दिया, क्योंकि मेरी जिंदगी यहां पर बढ़िया चल रही थी। उन्होंने कहा कि शाहीन के साथ मेरा तलाक हो गया था, उसके बाद मुझे क्या पता वो कहा गई। क्या बच्चे शाहीन के संपर्क में थे? इस पर हयात ने कहा कि कोई संपर्क में नहीं था।

हयात ने बुधवार को कानपुर में ‘पीटीआई- वीडियो’ को बताया कि उन्हें कल शाम ही इस मामले में उसकी संलिप्तता के बारे में पता चला। हयात ने कहा कि उनकी और शाहीन की शादी नवंबर 2003 में हुई थी और दोनों ने अलग-अलग मेडिकल की पढ़ाई की थी, और वह शाहीन के सीनियर थे।

2013 में शाहीन से हुआ था तलाक

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, हयात ने कहा, " मुझे नहीं पता कि उसके दिमाग में क्या चल रहा था जिसके कारण यह हुआ। हमारे बीच कभी कोई विवाद या झगड़ा नहीं हुआ। वह एक प्यार करने वाली और ख्याल रखने वाली इंसान थी।" उन्होंने आगे कहा कि तलाक के बाद से उनके बीच कोई संपर्क नहीं रहा। हयात ने कहा, "मुझे कभी अंदाज़ा नहीं था कि वह ऐसी गतिविधियों में शामिल हो सकती है। वह अपने परिवार और बच्चों से बहुत जुड़ी हुई थी, उनसे बेहद प्यार करती थी और उनकी पढ़ाई का ध्यान भी रखती थी।"

पहले बुर्का नहीं पहनती थी शाहीन!

अपनी शादी को याद करते हुए, उन्होंने बताया कि शाहीन ने शादी की रस्मों के अलावा कभी बुर्का नहीं पहना। उन्होंने कहा, "मैंने उसे कभी बुर्के में नहीं देखा। मुझे अब बताई जा रही किसी भी आतंकी गतिविधि में उसकी कथित संलिप्तता के बारे में कोई जानकारी नहीं है। हमारा तलाक बहुत पहले हुआ था, और अगर वह बाद में किसी चीज़ में शामिल हुई, तो मुझे उसके बारे में कुछ नहीं पता।"

'शाहीन ने ऑस्ट्रेलिया में बसने को दिया था सुझाव'

हयात ने कहा कि उन्हें हाल ही में पता चला कि वह भारत में है। इसके अलावा, हयात ने पत्रकारों को बताया कि अपनी शादी के दौरान उसने कभी भी (आतंकवादी गतिविधियों की ओर झुकाव का) कोई संकेत नहीं दिखाया। उन्होंने कहा कि एक बार शाहीन से बातचीत हुई थी, जिसमें उसने बेहतर जीवन स्तर और बेहतर वेतन के लिए ऑस्ट्रेलिया या यूरोप में बसने का सुझाव दिया था। उन्होंने बताया, "लेकिन मैंने उससे कहा कि हम यहां पहले से ही अच्छा जीवन जी रहे हैं, अच्छी नौकरियां हैं, बच्चे हैं, हमारे रिश्तेदार और यहां सब लोग हैं, हम वहां अकेला महसूस करेंगे।"

जांचकर्ताओं के अनुसार, फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय से जुड़ी एक डॉक्टर शाहीन शाहिद, सोमवार को लाल किले के पास हुए विस्फोट के बाद गिरफ्तार किए गए लोगों में शामिल थीं। पुलिस को संदेह है कि वह उसी विश्वविद्यालय के एक अन्य संकाय सदस्य डॉ. मुज़म्मिल गनई से जुड़ी थी, जिन पर प्रतिबंधित संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और अंसार ग़ज़वत-उल-हिंद से जुड़े एक "सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल" का हिस्सा होने का आरोप है।

JeM की महिला विंग चीफ थी शाहीन

अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में फैले इस मॉड्यूल का पर्दाफाश 2,900 किलोग्राम विस्फोटक बरामद होने और अल-फलाह विश्वविद्यालय के तीन डॉक्टरों सहित आठ लोगों की गिरफ्तारी के बाद हुआ। जांचकर्ताओं ने दावा किया है कि शाहीन भारत में जैश-ए-मोहम्मद की महिला भर्ती शाखा, जमात-उल-मोमिनात, का नेतृत्व कर रही थी।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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