कल का मौसम (Kal Ka Mausam): देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में दस्तक दे दी है, तो दूसरी ओर कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि बदलते मौसम के बीच यात्रा और दैनिक गतिविधियों के दौरान विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
वेदर सिस्टम की बात करें तो उत्तरी हरियाणा और उसके आसपास के क्षेत्रों में, निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों के बीच एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) स्थित है। मध्य उत्तर प्रदेश में, निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण स्थित है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और उससे सटे बिहार में, निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण स्थित है। वहीं पूर्वी मध्य अरब सागर से सटे कोंकण और गोवा में, निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों के बीच एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण स्थित है। दक्षिण तेलंगाना और उससे सटे तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के ऊपर निचले क्षोभमंडल स्तर पर एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।
क्या है IMD का पूर्वानुमान?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 4 जून 2026 को केरल में आधिकारिक रूप से दस्तक दे दी है और इसके साथ ही यह अरब सागर, बंगाल की खाड़ी तथा दक्षिण भारत के कई हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। अगले सात दिनों के दौरान केरल और कर्नाटक के विभिन्न क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा (7 से 20 सेंटीमीटर तक) होने की संभावना है। वहीं तमिलनाडु के कुछ इलाकों में भी तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। पूर्वोत्तर भारत में अगले 5 से 6 दिनों तक कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि अगले 2 से 3 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों के साथ-साथ दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। विभाग के अनुसार मानसून की आगे की प्रगति के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं, जिससे आने वाले दिनों में यह गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, बंगाल की खाड़ी के अन्य हिस्सों और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ क्षेत्रों में और आगे बढ़ सकता है।
दिल्ली एनसीआर में कल का मौसम
गुरुवार को अचानक दिल्ली एनसीआर के मौसम ने भयानक रूप ले लिया। सूरज की तेज किरणें काले बादलों के दरमियान छिप गईं और तेज हवाओं के साथ बारिश ने दस्तक दी। इससे बदलाव से मौसम काफी हद तक सुहावना हुआ लेकिन जगह जलभराव और फिर ट्रैफिक जाम भी देखा गया। कई जगहों पर बिजली भी कट गई। अब अगर 5 जून के मौसम के वेदर अलर्ट की बात करें तो मौसम विभाग ने कल के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान एक बार फिर से राजधानी समेत एनसीआर के इलाकों में तेज हवाएं, आंधी-तूफान, गरज-चमक और हल्की बारिश का दौर देखने को मिलेगा। वहीं 6 जून को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन भी "थंडरस्टॉर्म विद रेन" यानी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी रहेगी, हालांकि किसी विशेष चेतावनी की आवश्यकता नहीं बताई गई है। 7 जून को मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
यूपी में कल का मौसम कैसा रहेगा?
उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक बदलता हुआ नजर आएगा। मौसम विभाग के अनुसार 5 और 6 जून के बीच पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने और आंधी-तूफान की भी आशंका है। वहीं 6 जून को पूर्वी उत्तर प्रदेश में तथा 7 से 10 जून के बीच पूर्वी और बाद में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में लू चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि 7 जून के बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि शुरुआती दिनों में बारिश और तेज हवाओं के कारण लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
बिहार में कल के मौसम का हाल
बिहार में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 5 जून तथा 7 से 10 जून के बीच राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे मौसम अचानक बदल सकता है। तापमान की बात करें तो 6 जून तक बिहार में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने के आसार हैं। वहीं मौसम विभाग ने 6 से 8 जून के बीच राज्य के कुछ इलाकों में लू चलने की चेतावनी भी जारी की है।
राजस्थान में ऐसा रहेगा मौसम
राजस्थान में पिछले कुछ दिनों में गर्मी-बारिश का मिलाजुला असर देखने को मिला है। वहीं अभी की बात करें तो राजस्थान के कई जिलों के लिए एक बाक फिर मौसम का अलर्ट जारी किया है, जिसमें बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। बीकानेर, श्री गंगानगर, हनुमानगढ़, भीलवाड़ा, बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़ और चित्तौड़गढ़ जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने और साथ में गरज-चमक के साथ आंधी आने की संभावना है, जबकि हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने मौसम की इन बदलती परिस्थितियों का कारण इस क्षेत्र को प्रभावित करने वाले एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ को बताया है।
महाराष्ट्र का मौसम
महाराष्ट्र में दक्षिण-पश्चिम मानसून की गतिविधियां तेज होने लगी हैं और आने वाले दिनों में कई क्षेत्रों में बारिश का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के विभिन्न इलाकों में 5 से 8 जून के बीच गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा। इसके अलावा कोंकण और गोवा क्षेत्र में 5 से 10 जून तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। वहीं मध्य महाराष्ट्र में 5 जून तथा 7 से 10 जून के दौरान कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं, जिससे राज्य के कई हिस्सों में वर्षा की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है।
पहाड़ी राज्यों में मौसम कैसा रहेगा?
पर्वतीय राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मौसम के सक्रिय बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में 5 और 6 जून के बीच गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की भी आशंका है। उत्तराखंड में 5 जून को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। वहीं हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में 5 जून के दौरान ओलावृष्टि भी हो सकती है। मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों और स्थानीय निवासियों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने तथा खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। लगातार बदलते मौसम के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं।
केरल के तीन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
IMD ने पिछली रात से केरल के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश होने के बाद राज्य के तीन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इनमें अलप्पुझा, कोट्टायम और एर्नाकुलम शामिल हैं। मौसम विभाग ने कहा कि राज्य के कुछ हिस्सों में बिजली गरजने और चमकने के साथ भारी बारिश होने और हवा की अधिकतम गति 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इसके अलावा मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पत्तनमथिट्टा, इडुक्की और त्रिशूर जिलों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश और हवा की गति 40 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। इससे पहले राज्य के आठ जिलों में बृहस्पतिवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। राज्य में जल्द ही मानसून के पहुंचने की उम्मीद है। बता दें कि ऑरेंज अलर्ट तब जारी किया जाता है, जब 11 सेंटीमीटर से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान होता है।
तमिलनाडु के इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, कन्याकुमारी जिले में अगले पांच दिन बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मानसून के मजबूत होने के कारण यहां लगातार तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके अलावा तेनकासी और तिरुनेलवेली जिलों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है। वहीं नीलगिरि, कोयंबटूर, थेनी, तिरुप्पुर, डिंडीगुल, इरोड, सलेम, धर्मपुरी, कृष्णागिरि, तिरुपत्तूर, वेल्लोर, रानीपेट और तिरुवन्नामलाई जिलों के पहाड़ी और आसपास के इलाकों में भी भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में तमिलनाडु के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।
तापमान और हीटवेव को लेकर क्या है अपडेट?
देश के अधिकांश हिस्सों में 10 जून 2026 तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। हालांकि उत्तर-पश्चिम भारत में 5 जून तक तापमान लगभग स्थिर रह सकता है, लेकिन इसके बाद 6 से 10 जून के बीच तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। वहीं पूर्वी भारत में भी तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने का अनुमान है, हालांकि बिहार में 6 जून तक अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने कुछ राज्यों के लिए लू और उमस भरे मौसम की चेतावनी भी जारी की है। बिहार में 6 से 8 जून के बीच, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 से 10 जून तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 8 से 10 जून के दौरान कुछ क्षेत्रों में लू चलने की संभावना है। इसके अलावा ओडिशा में 5 से 8 जून तक गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी 5 जून के दौरान उमस और गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।
