Aaj Ka Mausam (कल का मौसम कैसा रहेगा) : सावन माह के लगभग आधे दिन और जुलाई अपने आखिरी पड़ाव पर है। मानसून को सक्रिय हुए करीब एक महीने हो गए हैं, जिसके प्रभाव से कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक मौसमी गतिविधियां जारी हैं। कहीं भारी से भारी तो कहीं हल्की से मध्यम वेदर एक्टिविटी देखने को मिल रही हैं, जिससे मौसम का रुख बेहद सुहावना है। हालांकि, बीच-बीच में उमस ने भी हाल-बेहाल किया। लेकिन, आने वाले कुछ दिनों के लिए मौसम विभाग ने जो पूर्वानुमान जारी किए हैं, वो सुकून देने वाले हैं। आईएमडी के मुताबिक, झमाझम बारिश, जुलाई की विदाई और अगस्त का स्वागत करेगी। 30, 31 जुलाई और 1 से 2 अगस्त तक दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और हरियाणा-पंजाब में आसमान बादलों से घिरे रहेंगे। इस दौरान कहीं-कहीं तेज आंधी-तूफान के साथ मध्यम से भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। मूसलाधार बारिश के कारण अत्यधिक जलजमाव से नदियों का जलस्तर बढ़ेगा। इसके अतिरिक्त पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बादल फटने के साथ अचानक बाढ़ और लैंडस्लाइड जैसी समस्याएं देखने को मिलती रहेंगी। कमोबेश ऐसा ही मौसम जम्मू-कश्मीर के अधिकतर भागों में बने रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है। आज दक्षिण भारत के कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पश्चिम में महाराष्ट्र, गुजरात एवं गोवा में मानसूनी वर्षा का दौर जारी रहेगा। इसी तरह असम, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड और पश्चिम बंगाल में बादल मूसलाधार बारिश को तैयार हैं। इस दौरान सभी राज्यों में लोगों को दैवीय आपदा का सामना करना पड़ सकता है।
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
| दिल्ली | 27 °C | 31 °C |
| जयपुर | 26 °C | 31 °C |
| मुंबई | 28 °C | 29 °C |
| भोपाल | 24 °C | 27 °C |
| पटना | 27 °C | 30 °C |
| लखनऊ | 27 °C | 32 °C |
| चेन्नई | 28 °C | 37 °C |
| हैदराबाद | 23 °C | 30 °C |
| शिमला | 19 °C | 22 °C |
| देहरादून | 24 °C | 26 °C |
| कश्मीर | 13 °C | 18 °C |
यूपी में कल कैसा रहेगा मौसम?
उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। मौसम विभाग ने 30 जुलाई से राज्य के कई जिलों में तेज हवाएं, वज्रपात और मूसलाधार बारिश का अलर्ट घोषित किया है। इस दौरान बुंदेलखंड के झांसी, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, ललितपुर, कानपुर, कानपुर देहात, फतेहपुर, रायबरेली, प्रतापगढ़, उन्नाव, अलीगढ़, आगरा, इटावा औरैया, सहारनपुर, मेरठ, बागपत, नोएडा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और बुलंदशहर समेत पश्चिमी यूपी के अधिकतर जिलों में तेज बारिश की संभावना है। कमोबेश ऐसा ही मौसम पूर्वांचल के जिलों में भी देखा जा सकता है। उधर, पहाड़ी इलाकों में जारी भारी बारिश के कारण राज्य में प्रवाहित गंगा, रामगंगा, शारदा, घाघरा, यमुना, बेतवा, केन और गोमती समेत कई नदियां उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
दिल्ली में कल का मौसम
दिल्ली-एनसीआर में घनघोर बादल छाए हुए हैं। मंगलवार की सुबह से रुक-रुक कर हो रही झमाझम बारिश से उमस और गर्मी से राहत दी है। कई दिनों से लगातार बढ़ रहे तापमान को आसमानी बूंदों ने ठंडा कर दिया। तापमान में काफी गिरावट के कारण से मौसम काफी सुहावना हो गया है। मौसम विभाग ने 30 जुलाई से लेकर 3 अगस्त तक आसमान में बादल छाए रहने और कई इलाकों में मेघ गर्जन के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। इस दौरान अधिकतम तापमान 30 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान व्यक्त किया है। मानसून की सक्रियता से प्रदूषण के स्तर में काफी कमी आई है, जिससे दिल्ली-एनसीआर के लोग साफ हवा में सांस ले पा रहे हैं।
बिहार में कल का मौसम कैसा रहेगा?
बिहार में मानसून के सक्रिय रहने से मूसलाधार बारिश दर्ज की जा रही है, जिससे मौसम का मिजाज तो खुशनुमा है लेकिन नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। मौसम विभाग ने 30 जुलाई को पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, शेखपुरा, खगड़िया, बेगूसराय, नालंदा, गया, सुपौल, पटना, अररिया, किशनगंज, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मधुबनी, बक्सर, भोजपुर, सारण, गोपालगंज और सिवान में हल्की से मध्य बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तेज हवाएं चलने और ठनका (आकाशीय बिजली) गिरने की संभावना है। लिहाजा, खराब मौसम के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जाती है।
राजस्थान का मौसम कैसा है?
राजस्थान में तेज मानसूनी गतिविधियां जारी हैं। कई जिलों में लगातार मूसलाधार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। कई नदियों के उफान पर रहने से पानी निकालने के लिए बांधों के गेट खोले जा रहे हैं। मौसम विभाग की मानें तो धौलपुर, झालावाड़, बूंदी, कोटा, टोंक, भरतपुर, जयपुर, जोधपुर, अजमेर और बीकानेर समेत अन्य जिलों में बादलों की गरज और आकाशीय बिजली की चमक के साथ भारी से भारी बारिश का पूर्वानुमान है। ये मौसमी गतिविधियां 1 अगस्त तक जारी रहने का संकेत हैं। खासकर, इन जिलों में बाढ़ को लेकर चेतावनी जारी है।
हिमाचल प्रदेश में मौसम
हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से तबाही का आलम है। एक साथ अत्यधिक बारिश के कारण बाढ़ और पहाड़ों के फटने की घटनाएं हो रही हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। कई सड़कें फट गई हैं, या उनमें लैंडस्लाइड होने से मलबा पहुंच चुका है, जिससे यातायात के क्षेत्र भी प्रभावित है। मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मनाली, सिरमौर, शिमला और ऊना समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट घोषित है। कमोबेश ऐसा ही मौसम उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में बना हुआ है। आईएमडी ने उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर समेत कई जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। कई जिलों में आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट घोषित है। इसी प्रकार जम्मू-कश्मीर में मौसम ने हालत खराब कर रखी है। कई इलाकों में अत्यधिक बारिश दर्ज की जा रही है।
मध्य प्रदेश में मौसम का हाल
मध्य प्रदेश में मानसूनी बारिश ने तबाही मचा रखी है, जिसके कारण कई जिलों में आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। अत्यधिक बारिश के कारण नदी-नालों से लेकर बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जबकि निचली इलाकों में जलभराव के हालात बने हुए हैं। आईएमडी की मानें तो राज्य के करीब 20 जिले भारी बारिश की गिरफ्त में रहेंगे। ज्यादातर हिस्सों में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। भारी बारिश के कारण राज्य में स्थित अधिकांश बांध (Dam) फुल होने की कगार पर हैं, जिसकी वजह से गेट खोलने पड़ रहे हैं। मौसम विभाग की मानें 30 जुलाई से जबलपुर, सिवनी, देवास, शाजापुर, नरसिंहपुर, टीकमगढ़, ग्वालियर, शिवपुरी, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर और भोपाल में झमाझम बारिश का अलर्ट घोषित है।
मुंबई का मौसम कैसा है?
महाराष्ट्र और गुजरात में मानसूनी बारिश से नदियां उफान पर हैं। हालांकि, स्काईमेट ने अगले 8 से 10 दिन मौसम गतिविधियां धीमी पड़ने की संभावना जताई है। यानी 10 अगस्त तक बहुत हल्की बारिश की संभावना है। खासकर, मुंबई में जारी भारी बारिश से थोड़ी राहत मिलेगी, जिससे बीएमसी को जलभराव जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। स्काईमेट के मुताबिक, करीब 10 सालों में मुंबई में जुलाई माह में सबसे कम बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान तापमान में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है। उधर, गुजरात में भी अत्यधिक बारिश से बाढ़ जैसे हालात हैं, जिनमें कुछ कमी आ सकती है।
