शहर

'कितनी सड़कें जाम करेंगे, कितनी ट्रेनें रोकेंगे? युवाओं को कोई नहीं रोक सकता; जंतर मंतर प्रदर्शन पर चिराग ने साधा निशाना

चिराग पासवान ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर कहा कि समस्याओं का समाधान प्रदर्शन से नहीं, बल्कि संवाद से निकलेगा। उन्होंने दिल्ली की सड़कों को जाम करने और आम लोगों को परेशान करने पर सवाल उठाए। साथ ही कहा कि भारत के युवाओं को कोई नहीं रोक सकता और युवाओं की चिंताओं को सुनकर बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए।

दिल्ली : दिल्ली के जंतर मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को लेकर व्यापक पैमाने पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बड़ी संख्या में ट्रेनें रद्द की गई हैं और दिल्ली मेट्रो के 58 स्टेशनों को बंद करने का ऐलान किया गया है। साथ ही कई बाजार भी बंद किए गए हैं। माना जा रहा है कि इससे व्यवस्थाओं पर बड़ा असर पड़ेगा। इस बीच हरियाणा के सोनीपत पहुंचे एनडीए के सहयोगी व केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्षी दलों की ओर से किए जा रहे प्रदर्शन को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि 'मैं मानता हूँ कि भारत जैसे लोकतंत्र में प्रदर्शन की पूरी संभावनाएं हैं और आप जरूर प्रदर्शन करें, लेकिन उससे आम लोगों को होने वाली दिक्कतों का भी ख्याल रखें। उन्होंने यह भी कहा कि 'भारत के युवा हैं ये, इनको कोई नहीं रोक सकता। ट्रेनें और परिवहन को ठप करने से युवाओं की आवाज को नहीं दबाया जा सकता।

चिराग ने कहा कि प्रदर्शन से समाधान नहीं निकलेगा, बल्कि समाधान संवाद के जरिए ही संभव है। अगर किसी मुद्दे को साबित करना है, तो उसके लिए पहले ही दिन पर्याप्त आधार पेश किया जा चुका है। बार-बार दिल्ली की सड़कों को जाम करके आम नागरिकों को परेशान करना कहां तक उचित है? उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में सफलता नहीं मिलने के कारण विपक्ष अपनी राजनीति के लिए आम लोगों को परेशानी में डाल रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शनकारियों को वास्तव में कोई चिंता है, तो उन्हें चुनाव आयोग के पास जाना चाहिए। मुख्य चुनाव आयुक्त उनके सवालों का जवाब देने के लिए तैयार होंगे। किसी स्वतंत्र संवैधानिक संस्था के कार्यालय में प्रदर्शन करते हुए जाना उचित नहीं है। इसके बजाय समय लेकर प्रतिनिधिमंडल के साथ जाना चाहिए और अपने सवालों के जवाब मांगने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन दिनों से लगातार हंगामा किया जा रहा है, जबकि प्रदर्शनकारियों को समाधान निकालने में रुचि नहीं है।

Gen Z की बात सुनें-चिराग पासवान

युवाओं और Gen Z के प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी की बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्होंने ‘यूथ बोले तो’ नाम से एक मंच तैयार किया है, जहां सहमति और असहमति दोनों के लिए जगह है। इस मंच पर युवा अपनी नाराजगी, चिंताएं, सुझाव और परेशानियां खुलकर रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि विचारों में मतभेद होने के बावजूद संवाद के जरिए समाधान तक पहुंचा जा सकता है। उन्होंने सीजेपी के आह्वान पर होने वाले प्रदर्शन को लेकर भी कहा कि वहां संवाद होना चाहिए, ताकि किसी सकारात्मक नतीजे तक पहुंचा जा सके।

मेट्रो, ट्रेनों और सड़कों पर पाबंदियों को लेकर उन्होंने कहा कि यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि मेट्रो बंद कर दी गई है और कई तरह की पाबंदियां लगा दी गई हैं। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं को कोई रोक नहीं सकता। कितनी ट्रेनें रोकी जा सकती हैं और कितनी सड़कों को जाम किया जा सकता है? भारतीय युवाओं में दुनिया को रास्ता दिखाने की क्षमता है और पिछली पीढ़ियां भी ऐसा कर चुकी हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article