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कल का मौसम : 3 दिन में बारिश होगी मूसलाधार! पाला-शीतलहर से 0°C पहुंचेगा तापमान; भीषण कोहरे का अलर्ट

Kal Ka Mausam, 16 January 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा, Aaj Aur Kal ka Mausam kaisa Rahega: पहाड़ों पर बर्फबारी से मैदानी इलाके फ्रीज होते जा रहे हैं। समूचे उत्तर भारत में बर्फीली हवाएं चलने से न्यूनतम तापमान नीचे गिरता जा रहा है, जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड का एहसास हो रहा है। सुबह घना से अति घना कोहरा और दिन में शीतलहर की स्थिति बने रहने के कारण कोल्ड डे का सिलसिला जारी है। अगले सप्ताह से एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव होने से कई राज्यों में बारिश की संभावना है। कोहरे के कारण कई मुख्य एक्सप्रेस-पैसेंजर्स ट्रेनें विलंब से चल रही हैं तो कईयों को रद्द कर दिया गया है। उधर, दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में हल्की बारिश के आसार बने हुए हैं।

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कल का मौसम

Kal Ka Mausamm (कल का मौसम कैसा रहेगा) : मौसम के लिहाज से अगला सप्ताह काफी भारी साबित हो सकता है। आईएमडी के मुताबिक, 16 से 20 जनवरी के बीच पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले स्थानों पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ आने वाला है, जिसके प्रभाव से हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी से मौसम का मिजाज बिगड़ेगा। 18, 19 व 20 जनवरी तक उत्तर भारत में भी नए मौसमी सिस्टम का असर रहेगा और उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब के कुछ जिलों में मौसम करवट लेगा। इस दौरान यहां बादल छाए नजर आएंगे और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग की मानें को अगले 4 से 5 दिन दिल्ली से लेकर बिहार तक पाला गिरने, शीतलहर चलने और घने कोहरे की स्थिति बने रहने की संभावना है, जिससे दिन भी काफी सर्द (Cold Day) रहेंगे। उधर, पूर्वोत्तर, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड और मध्य प्रदेश में कोहरे और सर्द हवाओं के कारण कड़ाके की ठंडक महसूस की जाएगी। स्काईमेट ने तमिलनाडु समेत एक दो राज्यों में मध्यम बारिश का भी पूर्वानुमान जारी रखा है।

सबसे कम तापमान वाले शहर

पहाड़ों से उत्तरी राज्यों में प्रवेश कर रहीं बर्फीली हवाएं न्यूनतम तापमान को डाउन कर रही हैं और कोल्ड डे जैसे हालात बना दिए हैं, जिस कारण पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान और उत्तर प्रदेश के सूदूर इलाकों तक कड़ाके की सर्दी सितम ढा रही है। कई जिलों में न्यूनतम पारा शून्य को टच कर गया है। दिल्ली में पालम में 1 डिग्री, राजस्थान में अलवर में 1, सीकर में 1 और हिसार में 0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कई राज्यों में अधिकतम तापमान गिरकर 8 से 9 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, जिससे कोल्ड डे की स्थिति है और सुबह पाला गिरने से गलन वाली सर्दी महसूस हो रही है। अगले सप्ताह से इन सभी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के दस्तक देने से बारिश को लेकर संभावना है।

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शहर का नामन्यूनतम तापमान अधिकतम तापमान
दिल्ली5°C19°C
चंडीगढ़5°C18°C
जयपुर7°C21°C
मुंबई20°C27°C
भोपाल10°C24°C
लखनऊ7°C20°C
पटना8°C20°C
कोलकाता12°C23°C
देहरादून5°C16°C
शिमला4°C15°C
कश्मीर-3°C10°C

पंजाब-हरियाणा का मौसम कैसा है

हरियाणा और पंजाब इन दिनों पहाड़ी राज्यों से आ रहीं बर्फीली हवाओं की चपेट में हैं, जिससे कड़ाके की सर्दी का एहसास हो रहा है। दोनों ही राज्यों के कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान माइनस से नीचे जा पहुंचा है, जिससे ठंड का प्रकोप जारी है। हिसार दोनों राज्यों में सबसे ठंडा स्थान बना हुआ, जहां न्यूनतम तापमान 0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक, हरियाणा में पारा अभी और गिर सकता है। फिलहाल, नारनौल में 1 डिग्री, नूंह में 4 डिग्री, गुरुग्राम में 5 डिग्री, अंबाला में 5 डिग्री, करनाल में 4.4 डिग्री, फरीदाबाद में 4 डिग्री और रोहतक में 4 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है एवं अधिकांश जिले घने कोहरे की चपेट में रहेंगे। उधर, पजांब कई हिस्सों में सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता का स्तर काफी रह रहा है, जिससे यातायात बेहद धीमा पड़ गया है। आईएमडी की मानें तो रविवार तक चंडीगढ़ में 4.5 डिग्री, बठिंडा में1.2 डिग्री, अमृतसर में 5 डिग्री, लुधियाना में 5 डिग्री, पटियाला में 4.9 डिग्री, होशियारपुर में 4.1 डिग्री और फरीदकोट में 3 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। वहीं, 18 से 20 जनवरी तक दोनों ही राज्यों में बारिश को लेकर संभावना जताई जा रही है।

दिल्ली में कल मौसम

दिल्ली-एनसीआर में दिन भर बह रहीं बर्फीली हवाओं ने न्यूनतम पारे को माइनस तक पहुंचा दिया है। दिल्ली में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिससे लोगों का सामान्य जनजीवन प्रभावित है। आईएमडी ने बताया कि सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री, पालम में 2 डिग्री, लोधी मार्ग पर 3 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। फिलहाल, अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम पारा सामान्य से नीचे बना हुआ है और शीतलहर के कारण कोल्ड डे की स्थिति है, जो आगे भी जारी रहेगी। आईएमडी के मुताबिक, अगले 2 दिन सबसे कम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। सीपीसीबी के अनुसार, दिल्ली में हवा की क्वालिटी (AQI) 350 से 400 के आसपास दर्ज किया जा सकता है, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है।

यूपी-बिहार में कल मौसम

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के हवाले से 16 जनवरी से उत्तर भारत के कुछ राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ का आंशिक असर देखा जा सकता है, जिसके कारण न्यूनतम तापमान में मामूली बढ़त दर्ज की जा सकती है। खासकर, उत्तर प्रदेश में पड़ रही कड़ाके की सर्दी के बीच रविवार से मंगलवार तक बादलों की आवाजाही हो सकती है और इस दौरान कई जिलों में बूंदाबांदी या हल्की बारिश रिकॉर्ड की जा सकती है। बहरहाल, दिन में तेज शीतलहर चलने से दिन में भी कड़ाके की सर्दी का एहसास हो रहा है। धूप तो निकल रही है, लेकिन बेअसर साबित हो रही है। उधर, बिहार के अधिकांश जिलों में शीतलहर और कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित कर रखा है। कोहरे के कारण कम हो रही विजिबिलिटी से ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित है। कई लंबी दूरी की ट्रेन कई घंटे विलंब से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। आईएमडी का अनुमान है कि राज्य में अभी कड़ाके की सर्दी का असर बना रहेगा।

राजस्थान का मौसम कैसा रहेगा?

राजस्थान घने कोहरे और शीतलहर की चपेट में है। राज्य के कई इलाकों में शीतलहर और घने कोहरे के कारण आम जनजीवन प्रभावित है। फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 0 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। जयपुर के मौसम केंद्र के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान जयपुर, बीकानेर संभाग के उत्तरी भाग व शेखावाटी क्षेत्र के कुछ भागों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे और कहीं-कहीं शीतलहर/अति शीतलहर का असर रहेगा एवं अत्यधिक घना कोहरा भी छाया नजर आएगा। आईएमडी की मानें तो 17-18 जनवरी को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कहीं-कहीं आंशिक बादल छाए रहेंगे और बूंदाबांदी या बारिश हो सकती है। 22 से 24 जनवरी के दौरान भी मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम करवट लेगा।

जम्मू-कश्मीर का मौसम कैसा है?

जम्मू-कश्मीर इन दिनों बर्फ का गोला बना हुआ है! हालांकि, तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई, फिर भी माइनस में बना हुआ है। फिलहाल, कश्मीर घाटी में ‘चिल्ला-ए-कलां’ का दौर जारी है, जो 40 दिनों की भीषण ठंड की अवधि का होता है। इस दौरान बर्फबारी की संभावना सबसे अधिक बनी हुई है और तापमान जमाव बिंदु के नीचे पहुंच रहेगा है। ‘चिल्ला-ए-कलां’ 21 दिसंबर को शुरू हुआ था और यह 30 जनवरी को समाप्त होगा। कड़ाके की सर्दी के कारण डल झील के कुछ हिस्सों सहित कई जलाशयों का पानी जम गया है। आईएमडी के मुताबिक, श्रीनगर में माइनन 5 डिग्री, शोपियां घाटी का माइनस 6.3 डिग्री, पुलवामा में माइनस 6.5 डिग्री, पहलगाम में माइनस 5 डिग्री, काजीगुंड में माइनस 5 डिग्री, कोकेरनाग में 2 डिग्री और कुपवाड़ा में माइनस 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकॉर्ड किया जाएगा। 16 जनवरी से एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के आने की संभावना है, जिससे पूरे हिमालय क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी का कारण बनेगा।

पश्चिम बंगाल में कोहरे का अलर्ट

पश्चिम बंगाल भी इन दिनों सर्दी का सितम झेल रहा है। कई जिलों में सुबह घना कोहरा छाए रहने का पूर्वानुमान है। रामौसम विभाग के अनुसार, अगले 2 दिन दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार, दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, पूर्वी बर्धमान, बीरभूम, मुर्शिदाबाद, नदिया, हुगली और उत्तर 24 परगना जिले में घना कोहरा छाया नजर आएगा। दार्जिलिंग के ऊपरी इलाकों में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस के आसपास है, जबकि श्रीनिकेतन 8.5 डिग्री, बांकुरा 9 डिग्री, जलपाईगुड़ी 9 डिग्री, कूचबिहार 9 डिग्री, झाड़ग्राम 9.5 डिग्री और आसनसोल में 9.5 डिग्री सेल्सियस तो कोलकाता में 13 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

कोल्ड डे क्या है?

पहाड़ी और उत्तर भारतीय राज्यों में भीषण सर्दी के कारण कोल्ड डे की स्थिति है। लोग जानना चाहते हैं कि Cold Day क्या होता है? तो बता दें कि आईएमडी के मुताबिक, कोल्ड डे तब माना जाता है, जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे कम रहे और अधिकतम तापमान सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री सेल्सियत कम दर्ज किया जाए। उन दिनों को कोल्ड डे में काउंट करते हैं। इस दौरान दिन और रात के तापमान में अधिक अंतर नहीं होता है, लिहाजा लोगों को सर्दी से राहत की उम्मीद कम रहती है। इसके अभी और जारी रहने के संकेत हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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