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Kal Ka Mausam : 4 दिन नहीं थमेगी मॉनसून की रफ्तार, देशभर में आंधी-बारिश होगी मूसलाधार: IMD ने किया सावधान

कल का मौसम कैसा रहेगा (10 जुलाई 2026) : मौसम विभाग ने समूचे उत्तर भारत में मॉनसूनी बारिश का अलर्ट जारी रखा है। तेज बारिश के कारण कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से तराई क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा हो सकता है। पहाड़ों पर भी तेज अंधड़ के साथ बारिश, ओलावृष्टि और लैंडस्लाइड की चेतावनी जारी की गई है। उधर, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के राज्यों में अत्यधिक बारिश का पूर्वानुमान है।

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कल का मौसम

कल का मौसम कैसा रहेगा : देशभर में मॉनसून अपने रंग दिखा रहा है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के ऊपर बने एक लो प्रेशर एरिया के कारण मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले कई दिनों तक हरियाणा, पंजाब, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में तेज हवाओं के साथ रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है, जिससे तापमान में कई डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जाएगी और लोगों को गर्मी से बड़ी रात मिलेगी। कमोबेश ऐसा ही मौसम पहाड़ों पर रहेगा, जिससे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों पर मध्यम से भारी बारिश रिकॉर्ड की जाएगी। आईएमडी ने धरती पर अत्यधिक पानी पहुंचने से नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा जताया है। स्काईमेट ने महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा के साथ तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, अंडमान और निकोबार द्वीप में मध्यम से भारी वर्षा होने का अनुमान जताया है। पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी मॉनसूनी बारिश का अलर्ट घोषित है।

दिल्ली-एनसीआर का मौसम

दिल्ली-एनसीआर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। बीती रात से लगातार हो रही बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। जहां एक ओर लोगों को उमस और भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। आईएमडी ने 9 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। पूरे दिन आसमान में सामान्यतः बादल छाए रहने और मध्यम बारिश की संभावना है। इस दौरान न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता के चलते आने वाले दिनों में एनसीआर में मौसम सुहावना बना रह सकता है। हालांकि, बीच-बीच में गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसमी गतिविधियां होने से प्रदूषण के लेवल पर बड़ी गिरावट देखी जा रही है।

राजस्थान का मौसम कैसा है?

राजस्थान में दक्षिण पश्चिम मानसून की सक्रियता से कई जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। राज्य के कुछ भागों में आगामी कुछ दिन मानसून सक्रिय रहने और 11 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में गिरावट होने की संभावना है। कोटा, भरतपुर संभाग के कुछ भागों में मध्यम से भारी व कहीं-कहीं अति भारी बारिश हो सकती है। शेष अधिकतर भागों में भी मध्यम से कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना है। वहीं 10 जुलाई को केवल भरतपुर संभाग व आसपास के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश जारी रहने तथा बाकी हिस्सों में भारी बारिश की गतिविधियों में कमी होने की संभावना है।

उत्तराखंड का मौसम कैसा है?

उत्तराखंड के अधिकतर क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया और पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन के कारण सौ से अधिक मार्ग अवरूद्ध हो गए। वहीं, मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को देहरादून सहित सात जिलों में बहुत भारी वर्षा का ’रेड अलर्ट’ तथा शेष जिलों में ’ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। उत्तराखंड में गढ़वाल और कुमांउ दोनों क्षेत्रों में कई स्थानों पर पिछले 24 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गयी। बारिश के कारण गंगा, यमुना और उसकी सहायक नदियां भी उफान पर हैं और कई स्थानों पर उनका जलस्तर बढ़ रहा है। देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, उधमसिंह नगर, नैनीताल और चंपावत समेत सात जिलों में कुछ स्थानों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के साथ कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश का ’रेड अलर्ट’ जारी किया है। इस दौरान कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने एवं अति तीव्र से अत्यधिक तीव्र वर्षा की संभावना व्यक्त की गयी है। प्रदेश के शेष जिलों में भी कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने, कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने तथा तेज बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम केंद्र ने शुक्रवार को भी उधमसिंह नगर, नैनीताल एवं चंपावत जिलों के लिए ’रेड अलर्ट’ जारी किया है। इसके अलावा, देहरादून, पौड़ी और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा का ’ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है।

मुंबई में मॉनसूनी बरिश

महाराष्ट्र में मॉनसूनी बारिश ने तबाही मचा रखी है। पुणे, रत्नागिरी समेत मुंबई में कई दिनों तक लगातार मानसूनी बारिश के के आसार बने हुए हैं। हालांकि आईएमडी ने दिन में रुक-रुककर बारिश होने का अनुमान जताया है। बीएमसी ने कहा कि महानगर और उपनगरों में दिन में आमतौर पर बादल छाए रहने और रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है और इस दौरान बिजली चमकने, बादल गरजने एवं कभी-कभी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

केरल में भारी बारिश का अलर्ट

केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। आईएमडी ने राज्य के तीन जिलों मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड जिलों के लिए ’ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। वहीं, एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर, पलक्कड़, कन्नूर और कासरगोड सहित छह अन्य जिलों में भी ’येलो अलर्ट’ जारी है। ऑरेंज अलर्ट का मतलब 24 घंटे में 115 मिलीमीटर (मिमी) से 204 मिमी तक जबकि ’येलो अलर्ट’ का अर्थ 64 मिमी से 115 मिमी तक भारी बारिश होने की संभावना है। केरल के विभिन्न हिस्सों में सड़कों पर जलभराव और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति की भी खबरें हैं।

तमिलनाडु में भारी बारिश का अलर्ट

तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में बारिश और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की। दक्षिण गुजरात से मध्य केरल तक फैली लो-प्रेशर ट्रफ के प्रभाव से तमिलनाडु और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का पूर्वानुमान है। आईएमडी के मुताबिक, नीलगिरि जैसे पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान यह जिला पहले से ही भूस्खलन और बारिश से जुड़ी घटनाओं की वजह से संवेदनशील माना जाता है। 10 जुलाई से 12 जुलाई के बीच समुद्र में 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में मछुआरों को समुद्र में जाते समय विशेष सावधानी बरतने, मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन पर नजर रखने और अपनी समुद्री यात्रा उसी के अनुसार तय करने की सलाह दी गई है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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