Kal Ka Mausamm (कल का मौसम कैसा रहेगा) : देशभर में मौसम बदला-बदला नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने 5 से 7 मई तक दिल्ली-एनसीआर में आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा उत्तर भारत के अन्य राज्य यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में भी बादल छाए रहने के साथ तेज आंधी और बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। इस दौरान गरज चमक के साथ वज्रपात होने और ओलावृष्टि के संकेत मिल रहे हैं। उधर, उत्तराखंड में आंधी बारिश के साथ बर्फबारी होने की बात कही जा रही है। कमोबेश यही हालत हिमाचल प्रदेश में भी देखने को मिलेंगे। राजस्थान में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। वहीं, पूर्वोत्तर के राज्य ओडिशा, असम और सिक्किम में भी मौसम खराब रहेगा तो दक्षिण के आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु में भी मौसमी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
| दिल्ली | 24 °C | 36 °C |
| मुंबई | 27 °C | 32 °C |
| भोपाल | 23 °C | 36 °C |
| जयपुर | 27 °C | 34 °C |
| पटना | 26 °C | 34 °C |
| लखनऊ | 26 °C | 36 °C |
| देहरादून | 19 °C | 29 °C |
| हैदराबाद | 25 °C | 36 °C |
| बेंगलुरु | 22 °C | 31 °C |
| चेन्नई | 29 °C | 34 °C |
| कश्मीर | 7 °C | 13 °C |
| शिमला | 12 °C | 22 °C |
यूपी में कल कैसा रहेगा मौसम
यूपी में इस समय बादलों की आवाजाही का दौर जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के साथ आंधी और ओलावृष्टि की संभावना व्यक्त की जा रही है। 4 से 6 मई तक गरज चमक के साथ कई हिस्सों में बौछारें पड़ सकती हैं। लेकिन, 8 मई को तेज हवाओं के साथ बादल छट जाएंगे और 9 मई से फिर भीषण गर्मी का एहसास होगा। उधर, उत्तराखंड के अधिकतर जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। कहीं-कहीं बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है, जिससे अभी मौसम काफी सुहावना बना रहेगा।
दिल्ली में कल का मौसम
दिल्ली रविवार को न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो इस मौसम के औसत से 0.5 डिग्री कम है। मौसम विभाग ने दिन में आंधी-तूफान के साथ बारिश होने का अनुमान जताया है और अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। शुक्रवार को दिल्ली में मई के महीने में सर्वाधिक बारिश हुई। विभाग ने चेतावनी दी है कि आज भी दिल्ली और आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। आगामी दिनों में भी मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। 4 मई से 6 मई तक हर दिन तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, और इन दिनों भी "थंडरस्टॉर्म विद रेन" की चेतावनी दी गई है। 7 और 8 मई को भी बादल छाए रहेंगे और इस दिन भी बारिश होने की आशंका जताई गई है। दिल्ली के कई हिस्सों में गरज के साथ हल्की बारिश और तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।
दिल्ली में कितना प्रदूषण
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर धीरे-धीरे कम होमे के बजाय बढ़ रहा है। आज एक्यूआई 212 दर्ज किया गया जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा, 51 से 100 के बीच को संतोषजनक, 101 से 200 के बीच को मध्यम, 201 से 300 के बीच को खराब, 301 से 400 के बीच को बहुत खराब और 401 से 500 के बीच को गंभीर माना जाता है।
राजस्थान में बारिश
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते राजस्थान के चुरू जिले में ओलावृष्टि हुई है जबकि अनेक जगह बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले सप्ताह के दौरान राज्य के अनेक भागों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य के अनेक भागों में मेघ गर्जन के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने, आकाशीय बिजली गिरने और हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। इसी तरह, दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के कुछ भागों में 5 से 7 मई के दौरान तीव्र मेघ गर्जन, 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने व मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। जबकि छह से सात मई को बाड़मेर, जालोर व आसपास के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश का मौसम
हिमाचल प्रदेश के कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि को लेकर ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया गया है। शिमला और इसके आसपास के जुब्बड़हट्टी क्षेत्र में शुक्रवार को ओलावृष्टि हुई तथा कई अन्य स्थानों पर भारी बारिश हुई। हिमाचल प्रदेश में शाम पांच बजे तक 24 घंटों के दौरान बिलासपुर, रिकांगपिओ, हमीरपुर में तेज हवाएं चलीं।
हरियाणा-पंजाब में कैसा है मौसम
चंडीगढ़ स्थित मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब और हरियाणा में कई स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से कुछ डिग्री नीचे दर्ज किया गया तथा दोनों राज्यों के कुछ हिस्सों में मौसम गर्म रहा। पंजाब के पटियाला में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के सामान्य तापमान से तीन डिग्री कम है। लुधियाना में अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य तापमान से 1.5 डिग्री कम है जबकि अमृतसर में अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य तापमान से 4.8 डिग्री कम है।
हरियाणा में अंबाला में अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के सामान्य तापमान से 2.6 डिग्री कम है जबकि हिसार में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य तापमान से चार डिग्री कम है।
कब आएगा प्री मॉनसून?
मध्य भारत के कुछ भागों में मई में प्री मॉनसून के संकेत मिल रहे हैं। इनमें कर्नाटक, बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा, एमपी का पूर्वी भाग, तेलंगाना और पूर्वी भारत में प्री मॉनसून एक्टिव हो सकता है। आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान में बताया कि इस साल जून से सितंबर तक चलने वाले चार महीने के मानसून सीजन में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। प्री मानसून के दौरान आंधी-तूफान का खतरा बढ़ जाता है। तूफानों के साथ 500 किलोमीटर तक बादल यात्रा कर सकते हैं। इस दौरान आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि की घटनाएं हो सकती हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर केरल में मानसून की शुरुआत आमतौर पर 1 जून के आसपास होती है। तब तक रुक रुक कर बारिश होने का अनुमान जताया गया है।
सनबर्न क्या होता है?
गर्मियों के मौसम में सनबर्न का अलर्ट रहता है। सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक होती है। चिकित्सा की भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के ज्यादा संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द होने लगता है। कुल मिलाकर स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क हो जाता है।
हीटवेव क्या है?
भीषण गर्मियों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया जाता है। हीटवेट तब होती है जब किसी खास जगह पर तीन दिन तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान असामान्य रूप से गर्म होता है। इसे उस क्षेत्र की स्थानीय जलवायु और पिछले मौसम के संबंध में माना जाता है। इस दौरान तापमान सामान्य औसत से अधिक पहुंच जाता है तो उसे हीटवेव कहा जाता है। खासकर, मार्च से जून के दौरान और कुछ दुर्लभ मामलों में जुलाई के महीने में ये स्थिति बनती है। हीटेवव के दौरान लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आमतौर पर शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होने पर पानी की कमी बुखार, उल्टी, दस्त, थकान, कमजोरी इत्यादि लक्षण दिखाई देते हैं।
हॉट डे क्या होता है?
हॉट डे की स्थिति तब होती है, जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहता है और न्यूनतम तापमान सामान्य औसत से 5 डिग्री सेल्सियस के बराबर या उससे भी अधिक होता है। इस दौरान अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आमतौर पर अप्रैल से जून के बीच ये स्थिति देखी जाती है। मौसम विभाग ऐसा तापमान देख हॉट डे घोषित कर देता है।
