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Kal Ka Mausam: कल यूपी-बिहार समेत 17 राज्यों में मचेगा तबाही का मंजर! मानसून सुस्त फिर भी 80kmph की रफ्तार से आंधी और भारी बारिश का अलर्ट

Kal Ka Mausam (कल का मौसम कैसा रहेगा), 02 June 2026: मौसम विभाग ने कल 2 जून, मंगलवार को दिल्ली, यूपी, बिहार और उत्तराखंड समेत देश के 17 राज्यों में भारी बारिश और 80 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी राज्यों में ओले गिरने की आशंका के बीच चारधाम यात्रा रोक दी गई है। जानते हैं देशभर में मौसम का कल कैसा हाल रहने वाला है।

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कल 17 राज्यों में तूफान-बारिश का तांडव

Photo : Times Now Digital

Kal Ka Mausamm (कल का मौसम कैसा रहेगा): भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, कल 2 जून को देश के 17 राज्यों में मौसम खतरनाक रुख अख्तियार कर सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस समय उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के ऊपर निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) सक्रिय हैं। इसके अलावा, उत्तर-पूर्वी राजस्थान, मध्य पाकिस्तान और दक्षिण गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल के ऊपर भी चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। ये सारे मौसमी सिस्टम मिलकर कल देश के एक बड़े हिस्से में अंधड़, आकाशीय बिजली और भारी बारिश का 'तांडव' देखने को मिल सकता है।

पहाड़ी राज्यों में आफत: चारधाम यात्रा अस्थायी रूप से रुकी

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में कल से मौसम की गंभीरता बहुत अधिक बढ़ने वाली है। खराब मौसम और भारी जोखिम को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है।

उत्तराखंड: नैनीताल, पिथौरागढ़, चमोली, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार, बागेश्वर, अल्मोड़ा और रुद्रप्रयाग में 60 से 70 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और ओले गिरने की आशंका है। देहरादून में कल अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहेगा।

हिमाचल और जम्मू-कश्मीर: शिमला, कुल्लू और मनाली में भारी बारिश का अलर्ट है। कल मनाली का न्यूनतम तापमान लुढ़ककर महज 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे वहां कड़ाके की ठंड का अहसास होगा। जम्मू-कश्मीर के मुजफ्फराबाद, पुंछ और अनंतनाग में भी तूफानी हवाओं के साथ बारिश होगी।

उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR: धूलभरी आंधी और बारिश का कहर

दिल्ली-NCR: देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में पिछले दिनों हुई बारिश से तापमान में गिरावट आई है। कल 2 जून को दिल्ली में भारी बारिश और धूलभरी आंधी का अलर्ट है। इस दौरान 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। राहत की बात यह है कि जून के पहले 10 दिनों में दिल्ली में लू चलने की कोई संभावना नहीं है।

उत्तर प्रदेश: यूपी के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में कल मौसम का तगड़ा प्रहार दिखेगा। सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, कानपुर, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर सहित कई जिलों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी है। राजधानी लखनऊ में कल आंधी के साथ तेज बौछारें पड़ेंगी, जहां अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहेगा।

बिहार और झारखंड: 75 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेगा तूफान, लेकिन बिहार में हीटवेव भी

बिहार: बिहार में कल का मौसम मिलाजुला लेकिन खतरनाक रहेगा। पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया, बक्सर और भोजपुर में 65 से 70 किमी/घंटे की रफ्तार से आक्रामक हवाएं और बारिश होने के आसार हैं। हालांकि, आईएमडी ने चेतावनी दी है कि 3 जून से बिहार में भीषण ऊष्ण लहर (Heat Wave) की स्थिति शुरू हो जाएगी। कल पटना का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है।

झारखंड: रांची, गुमला, धनबाद, जमशेदपुर और बोकारो में 2 और 3 जून को भयंकर तूफान (70-75 किमी/घंटे की स्पीड) और बारिश का आक्रामक अलर्ट है। रांची का अधिकतम तापमान गिरकर 34 डिग्री सेल्सियस पर आ जाएगा।

मध्य प्रदेश, राजस्थान और पंजाब का हाल

मध्य प्रदेश: विदिशा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, उज्जैन और धार समेत कई जिलों में कल ओलावृष्टि (Hailstorm) और 65 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी है। भोपाल में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहेगा।

राजस्थान: श्रीगंगानगर, अलवर, जोधपुर, जैसलमेर और जयपुर में कल 55 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

पंजाब: हालांकि पंजाब में मुख्य प्रभाव 3 से 5 जून के बीच दिखेगा, लेकिन कल से ही लुधियाना, अमृतसर और पठानकोट में बादल छाए रहने और ठंडी हवाएं चलने का अनुमान है।

दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत: कल बारिश-आंधी का अलर्ट

इस बीच, दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल के तट पर अपनी सामान्य तारीख (1 जून) पर दस्तक देने से थोड़ा चूक गया है और इसकी प्रगति फिलहाल सुस्त है लेकिन दक्षिण के हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है।

केरल और तमिलनाडु: कल इन राज्यों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश में भी तेज हवाएं चलेंगी। IMD ने मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और केरल-लक्षद्वीप से सटे अरब सागर में समुद्र के बेहद अशांत रहने की चेतावनी जारी की है। मछुआरों को इन क्षेत्रों में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।

पूर्वोत्तर भारत: असम (गुवाहाटी, डिब्रूगढ़), अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में कल भारी बारिश और 80 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफान आने की आशंका है, जिससे पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ सकते हैं। IMD ने सावधान रहने की अपील की है।

मानसून पर क्या है ताजा अपडेट (Monsoon 2026 Forecast)

मानसून हालांकि, अगले 2-3 दिनों में इसके केरल पहुंचने की प्रबल संभावना है। आम तौर पर मानसून का मौसम लगभग एक जून से शुरू होता है लेकिन IMD ने कहा है कि, "अगले दो- तीन दिन में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ और हिस्सों, लक्षद्वीप, केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं।" IMD ने कहा कि इस अवधि के दौरान दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों एवं दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के शेष हिस्सों में भी यह आगे बढ़ सकता है। IMD ने इससे पहले केरल में मानसून के आगमन की तारीख 26 मई बताई थी। हालांकि, मानसून के आगे बढ़ने की प्रक्रिया में देरी हुई और विभाग ने 29 मई को कहा था कि इसका आगमन अगले सप्ताह हो सकता है।

पिछले सप्ताह जारी अपने संशोधित पूर्वानुमान में IMD ने कहा कि इस मौसम में बारिश सामान्य से कम रहेगी। IMD ने यह भी कहा कि इस वर्ष भारत में दीर्घकालिक औसत (LPA) का 90 प्रतिशत वर्षा होने की संभावना है।

LPA से आशय किसी इलाके में एक निश्चित अवधि, जैसे एक माह या पूरे मौसम के दौरान हुई वर्षा के उस औसत से है, जिसकी गणना आमतौर पर 30 से 50 वर्षों के दीर्घकालिक आंकड़ों के आधार पर की जाती है। वर्ष 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर पूरे भारत में मौसमी वर्षा का LPA 87 सेंटीमीटर निर्धारित किया गया है।

यदि किसी साल मानसून के दौरान होने वाली बारिश LPA के 90 प्रतिशत से कम रहती है, तो IMD उसे 'कम वर्षा वाला' मानसून घोषित करता है। IMD के अनुसार, इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा होने की एक प्रमुख वजह अल नीनो परिस्थितियों का विकसित होना हो सकता है। अल नीनो की स्थिति आमतौर पर भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान वर्षा को प्रभावित करती है और बारिश कम होने की आशंका बढ़ जाती है।

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Nishant Tiwari
निशांत तिवारी author

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृ... और देखें

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