JNU Violence News: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में रविवार देर रात हुई हिंसक झड़प के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। परिसर में वामपंथी संगठनों और एबीवीपी (ABVP) के बीच हुए खूनी संघर्ष के बाद रजिस्ट्रार की ओर से आधिकारिक बयान जारी कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि कैंपस के शैक्षणिक माहौल को बिगाड़ने वाले किसी भी व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भारतीय न्याय संहिता के तहत होगी कार्रवाई
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एक बयान जारी किया है, जिसमें इन घटनाओं को 'अत्यधिक परेशान करने वाला' बताया है। प्रशासन के संज्ञान में आया है कि प्रदर्शनकारी छात्रों के एक समूह ने न केवल एकेडमिक बिल्डिंग्स को बंद कर दिया, बल्कि सेंट्रल लाइब्रेरी में घुसकर शांतिपूर्वक पढ़ रहे छात्रों को डराया-धमकाया और उन्हें जबरन विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मजबूर किया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और विश्वविद्यालय के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है।

विश्वविद्यालय का आधिकारिक बयान
नकाबपोश भीड़ पर हमले के आरोप
बीती रात हुई हिंसा के बाद एबीवीपी (ABVP) ने लेफ्ट संगठनों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्र संगठन का दावा है कि करीब 300 से 400 नकाबपोश लोगों की भीड़ ने कैंपस में तांडव मचाया। एबीवीपी नेता वैभव मीणा के अनुसार, लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे छात्रों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया। सबसे भयावह आरोप बायोटेक्नोलॉजी के छात्र प्रतीक भारद्वाज को लेकर है। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने प्रतीक की आँखों में फायर एक्सटिंगुइशर का पाउडर झोंक दिया और फिर उसे अधमरा होने तक पीटा। वहीं, दूसरी ओर लेफ्ट विंग के छात्रों ने भी एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर पत्थरबाजी करने के आरोप लगाए हैं।
शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील
जेएनयू रजिस्ट्रार ने सभी छात्रों और स्टेकहोल्डर्स से अनुरोध किया है कि वे कैंपस में शांति बनाए रखें और किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल न हों जिससे माहौल बिगड़े। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि वह छात्रों के शैक्षणिक हितों और विश्वविद्यालय की संपत्ति की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। बयान में यह भी कहा गया है कि फिलहाल सभी कक्षाएं और अन्य गतिविधियां सुचारू रूप से चल रही हैं और इसमें सभी का सहयोग अपेक्षित है।
