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जींद-सोनीपत रूट पर दौड़ेगी हाइड्रोजन ट्रेन, जल्द होगा ट्रायल; मुख्यालय से मंजूरी का इंतजार

देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का प्रारंभिक ट्रायल फिलहाल टाल दिया गया है क्योंकि कंपेटेंसी सर्टिफिकेट जारी नहीं हो पाया है। जींद में स्थापित हाइड्रोजन उत्पादन और फिलिंग स्टेशन पर ट्रेन की गहन तकनीकी जांच की गई, जिसमें ड्राइवर पावर कार, ब्रेकिंग सिस्टम, सेंसर और कम्युनिकेशन की टेस्टिंग शामिल रही।

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जल्द पटरी पर उतरेगी भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन (AI Image)

Hydrogen Train: देश के पहले हाइड्रोजन ट्रेन के प्रारंभिक ट्रायल को फिलहाल टाल दिया गया है क्योंकि अब तक कंपेटेंसी सर्टिफिकेट जारी नहीं हो पाया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद नई ट्रायल तारीख तय की जाएगी। जींद में स्थापित हाइड्रोजन उत्पादन और फिलिंग स्टेशन पर ट्रेन की गहन तकनीकी जांच की गई, जिसमें आगे और पीछे लगे ड्राइवर पावर कार (DPC) को परखा गया।

8 घंटे चला हाई-लेवल टेस्ट

लखनऊ स्थित RDSO, मेधा सर्वो, आईसीएफ चेन्नई और स्पेन की ग्रीन एच इलेक्ट्रोलिसिस कंपनी के विशेषज्ञों ने मिलकर लगभग 8 घंटे तक ट्रेन के सिस्टम की जांच की। इस दौरान 3750 एम्पीयर डीसी पावर, सेंसर सिस्टम, ब्रेकिंग मैकेनिज्म, सिग्नलिंग, कम्युनिकेशन और ट्रैक फिटनेस का मूल्यांकन किया गया। टेस्टिंग के बाद सभी एजेंसियां संयुक्त रिपोर्ट तैयार कर रही हैं।

प्रदूषण नहीं, सिर्फ भाप और पानी

हाइड्रोजन से चलने वाला इंजन डीजल या इलेक्ट्रिक इंजन की तरह ही ताकतवर होगा, लेकिन इससे धुआं नहीं निकलेगा। यह ट्रेन लगभग 900 ग्राम हाइड्रोजन में साढ़े चार लीटर डीजल के बराबर माइलेज दे सकेगी, जिससे ईंधन लागत और रखरखाव दोनों कम होंगे।

रफ्तार, दूरी और तकनीक

हाइड्रोजन आधारित नई ट्रेन रफ्तार, दूरी और तकनीक के मामले में बेहद खास होगी। इसकी अधिकतम गति 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक होगी और 360 किलोग्राम हाइड्रोजन से लगभग 180 किलोमीटर की दूरी तय की जा सकेगी। यह क्षमता पारंपरिक इलेक्ट्रिक ट्रेनों की तुलना में करीब 10 गुना अधिक है। ट्रेनें हाइब्रिड तकनीक पर आधारित होंगी, जिनमें बैटरी और सुपर कैपेसिटर दोनों होगा। संचालन के दौरान इनका शोर भी बेहद कम होगा, जिससे यात्रियों को अधिक आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा।

जींद में 120 करोड़ का हाइड्रोजन प्लांट

जींद रेलवे जंक्शन पर लगभग 120 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक हाइड्रोजन गैस प्लांट तैयार किया जा रहा है। यहां जमीन के नीचे करीब 3000 किलो हाइड्रोजन गैस स्टोरेज की व्यवस्था की गई है। ट्रेन संचालन के लिए प्रति घंटे करीब 40 हजार लीटर पानी की जरूरत होगी, जिसके लिए स्टेशन की छतों से वर्षा जल संग्रह की योजना बनाई गई है।

जींद-सोनीपत से होगी शुरुआत

शुरुआती चरण में यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच चलाई जाएगी। बाद में इसके रूट का विस्तार किया जाएगा। डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ट्रेन के साथ-साथ जींद रेलवे जंक्शन का भी उद्घाटन करेंगे।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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