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"मरना है तो मरो, बस नहीं रोकेंगे"... यात्रियों की चीखों के बीच बीड़ी पीते रहे ड्राइवर-कंडक्टर, यमुना एक्सप्रेसवे पर जिंदा जल गए 9 लोग

Greater Noida Bus Fire: यमुना एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर बस में आग लगने से 9 यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई। FIR में खुलासा हुआ है कि बदबू आने के बावजूद ड्राइवर-कंडक्टर बीड़ी पीते रहे और यात्रियों से कहा 'मरना है तो मरो'। पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया है।

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दिल्ली से महोबा जा रही थी स्लीपर बस

Photo : PTI

Greater Noida News: दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा के लिए निकली राज कल्पना ट्रैवल्स की स्लीपर बस में सवार सहमे यात्रियों ने जब ड्राइवर और कंडक्टर से यह कहा कि बस में तार जलने की बू आ रही है, बस रोको, तो जवाब में लापरवाही मिली। ड्राइवर-कंडक्टर अपने केबिन में बेफिक्र होकर बीड़ी-सिगरेट के कश खींच रहे थे। यात्रियों ने बताया कि जब जलने की बू की शिकायत की गई तो उन्होंने इसे नजरअंदाज करते हुए कहा कि "ऐसी बदबू तो आती रहती है... " और फिर वही हुआ जिसका डर था। कुछ ही पलों में ड्राइवर सीट के पास से आग की ऊंची लपटें उठीं, एसी में स्पार्क हुआ, इंजन के लुब्रिकेंट ऑयल ने आग पकड़ी और देखते ही देखते पूरी बस जल गई। 23 और 24 सितंबर 2026 की दरमियानी रात करीब 11:30 बजे यमुना एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन 33 (जेवर थाना क्षेत्र) पर घटी इस दिल दहला देने वाली घटना में 9 यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई। कई लोग जिंदा जल गए तो कइयों का दम घुट गया।

धुएं का गुबार, चीख-पुकार और खिड़कियों से कूदते बेबस लोग

हादसे के वक्त बस में 30 से 35 यात्री सवार थे। ज्यादातर लोग नींद में थे। जैसे ही आग फैली, पूरी बस में घना धुआं भर गया। सांस लेना दूभर हो गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए एक-दूसरे के ऊपर से भागने लगे। कई यात्रियों ने बस की खिड़कियों और दरवाजों से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस उच्चाधिकारी, स्थानीय पुलिस बल, जेवर टोल और आसपास से पहुंचीं 5 फायर टेंडर्स ने दमकलकर्मियों के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। धुएं के गुबार के बीच पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने 20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि, 9 यात्री आग की लपटों और धुएं में इस कदर फंस गए कि वे बाहर नहीं निकल सके। उन्हें कैलाश अस्पताल, जेवर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे में लोगों के पासपोर्ट, दस्तावेज, मोबाइल और सामान जलकर राख हो गया।

FIR में संवेदनहीनता का खुलासा, ड्राइवर और कंडक्टर हिरासत में

घटना के बाद दर्ज हुई FIR ने इस हादसे के पीछे की भयावह सच्चाई बयान की है। मामला केवल एक तकनीकी खराबी का नहीं, बल्कि घोर मानवीय लापरवाही और आपराधिक संवेदनहीनता का है। FIR के मुताबिक, यात्रियों ने आग की गंध की चेतावनी देने के बाद भी बस नहीं रोकी गई। केबिन में बीड़ी-सिगरेट पी जा रही थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ड्राइवर और कंडक्टर को हिरासत में ले लिया है। मामले की जांच इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह को सौंपी गई है। जेवर थाना पुलिस मृतकों शवों की शिनाख्त और उनके परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है।

CM योगी ने लिया संज्ञान, 2-2 लाख की आर्थिक मदद का ऐलान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा के इस बेहद दुखद हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सीएम योगी ने दिवंगत आत्माओं के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों के इलाज में कोई कमी न रखी जाए। मुख्यमंत्री ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों से संवाद कर हर संभव सरकारी सहायता का भरोसा दिया है। राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिवार को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।

राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री ने भी जताया हादसे पर शोक

राष्ट्रपति द्रौपदी मु्र्मू ने हादसे पर शोक जताते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि उत्तर प्रदेश में यमुना एक्सप्रेस-वे पर एक बस में आग लगने से लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। इस दुर्घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।

पीएमओ इंडिया ने X पर पोस्ट कर लिखा कि "उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में बस में आग लगने की दुखद घटना में लोगों की मृत्यु की खबर से अत्यंत दुख हुआ। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति गहरी संवेदनाएं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। वहीं, घायलों को 50,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी: प्रधानमंत्री"।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी शोक व्यक्त करते हुए लिखा कि ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने से हुई यात्रियों की मृत्यु अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। इस दर्दनाक हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं। ईश्वर उनके शोकाकुल परिजनों को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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