G-4 on UNSC reforms : संयुक्त राष्ट्र में सुधार और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए G-4 के देशों ने दबाव बढ़ा दिया है। जी-4 के सदस्य देशों ने यूएनएससी में तत्काल सुधारों को लागू करने और अन्य देशों के लिए स्थायी सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। देशों ने जोर देकर कहा कि यूएनएससी में सुधारों को लागू किया जाना नितांत जरूरी हो गया है। न्यूयॉर्क में 81वें संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) सत्र से इतर विदेश मंत्रियों की हुई बैठक में UNSC की मौजूदा संरचना को 'आठ दशक पुरानी व्यवस्था' बताया गया, जो अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को प्रभावी ढंग से बनाए रखने में सक्षम नहीं है।
स्थायी-अस्थायी दोनों श्रेणियों में बढ़े देशों की संख्या-G4
G4 देशों के विदेश मंत्रियों ने जोर दिया कि UNSC में जल्द से जल्द सुधार लागू करना बेहद जरूरी है, ताकि सुरक्षा परिषद मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी ढंग से काम कर सके और आज की भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को सही मायने में प्रतिबिंबित करे। उन्होंने रेखांकित किया कि इस सुधार के तहत UNSC की स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों में सदस्य देशों की संख्या बढ़ाना बेहद महत्वपूर्ण है।
'अंतरराष्ट्रीय शांति-सुरक्षा बनाए रखने में सक्षम नहीं मौजूदा व्यवस्था'
G4 देशों के विदेश मंत्रियों भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, ब्राजील के माउरो विएरा, जर्मनी के योहान डेविड वाडेफुल और जापान के मोतोगी तोशिमित्सु—ने 22 सितंबर को न्यूयॉर्क में 81वें संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) सत्र से इतर बैठक की। इस बैठक की अध्यक्षता एस. जयशंकर ने की। संयुक्त मंत्रिस्तरीय बयान में चारों देशों ने कहा कि UNSC वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने की अपनी मूल जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाने में सक्षम नहीं है। उन्होंने कहा कि परिषद की 'प्रतिनिधित्व क्षमता, वैधता, विश्वसनीयता और प्रभावशीलता' पर सवाल उठ रहे हैं। G4 ने इसके पीछे आंशिक रूप से सुरक्षा परिषद की आठ दशक पुरानी संरचना को जिम्मेदार बताया।
पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है सुधार
G4 देशों ने कहा कि मौजूदा चुनौतीपूर्ण भू-राजनीतिक माहौल को देखते हुए UNSC में सुधार पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है। उन्होंने सुधार प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए ठोस वार्ता की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान किया। सुधारों एवं स्थायी सीट बढ़ाए जाने को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर 26 सितंबर को यूएनजीए के सत्र को संबोधित करेंगे। उनके इस संबोधन पर दुनिया भर की नजरें लगी हैं।
