Jharkhand Student Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों ने सोमवार को विधानसभा का घेराव किया। इस दौरान, विधानसभा के पास पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई। इस बीच, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बड़ा बयान सामने आया। हेमंत सोरेन ने युवाओं से कहा कि आपने अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज़ उठाई। लोकतंत्र में अपनी बात रखने का आपका अधिकार है और आपकी आवाज का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा, ''आज के छात्र आंदोलन के दौरान संयम, संवेदनशीलता और पूरी जिम्मेदारी के साथ स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन और पुलिस के सभी अधिकारियों एवं जवानों का मैं धन्यवाद करता हूं।''
'सरकार ने युवाओं की सुनी आवाज'
उन्होंने आगे युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आपने अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज़ उठाई। लोकतंत्र में अपनी बात रखने का आपका अधिकार है और आपकी आवाज़ का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार ने आपकी बात सुनी है। हमारे सरकार के वरिष्ठ मंत्रीगण आपसे लगातार संवाद करते रहे हैं और मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि आपकी मांगों पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई होगी।
हेमंत सोरेन ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में आपने देखा है कि दोषी चाहे कोई भी हो, सरकार ने किसी को भी बख्शा नहीं है। हमारा स्पष्ट उद्देश्य है कि व्यवस्था में ऐसी कमियां दूर हों, जिससे भविष्य में किसी भी छात्र को परेशानी न उठानी पड़े। हम परीक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, सुरक्षित और जवाबदेह बनाना चाहते हैं। इस बदलाव में आपकी भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। हमारा प्रयास है कि झारखंड केवल समस्याओं की चर्चा न करे, बल्कि यहां से समाधान की एक नई मिसाल कायम करे।
'झारखंड का भविष्य हैं युवा'
उन्होंने कहा कि मैं यह भी समझता हूं कि आपके शांतिपूर्ण आंदोलन के बीच विपक्ष के कुछ लोगों ने राजनीतिक लाभ के लिए माहौल बिगाड़ने और छात्रों को भटकाने की कोशिश की। आप सभी से अपील है कि आप ऐसे किसी भी राजनीतिक नैरेटिव के बहकावे में न आएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप झारखंड का भविष्य हैं। आपकी आवाज़ को नजरअंदाज करना नहीं, उसे सुनना और आपकी समस्याओं का समाधान करना हमारी जिम्मेदारी है। मैं अपनी बात दोहराऊंगा कि आइए, संवाद और विश्वास के साथ मिलकर इस मुद्दे का समाधान करें।
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छात्रों के विधानसभा मार्च में लाठीचार्ज
झारखंड विधानसभा के पास सोमवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में कई प्रदर्शनकारी और चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस ने पानी की बौछारें कीं, आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। झड़प तब हुई, जब प्रदर्शनकारियों ने झारखंड विधानसभा के पास लगे कई अवरोधक तोड़ दिए।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई में महिलाओं सहित उनके कई साथी घायल हुए हैं, वहीं रांची के नगर पुलिस अधीक्षक (सिटी एसपी) पारस राणा ने कहा कि प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए पथराव में चार पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। प्रदर्शनकारी अवरोधक तोड़कर विधानसभा के गेट नंबर-एक तक पहुंच गए और वहां धरने पर बैठ गए। पुलिस द्वारा दोबारा लाठीचार्ज किए जाने के बावजूद उन्होंने मांगें पूरी होने तक हटने से इनकार कर दिया।
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सनद रहे कि भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन के 17वें दिन सुबह करीब साढ़े 10 बजे पुराने विधानसभा भवन के बाहर से मार्च शुरू हुआ। यह मार्च मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के 51वें जन्मदिन के दिन निकाला गया। जब प्रदर्शनकारी जगन्नाथपुर मंदिर पहुंचे, तो पुलिस ने उन पर पानी की बौछारें छोड़ीं। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जैसे ही आखिरी अवरोधक को पार करने की कोशिश की, स्थिति और बिगड़ गई, जिसके बाद पुलिस को दोबारा लाठीचार्ज करना पड़ा।
