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हजारीबाग में 13 वर्षीय लड़की की बलि दी गयी, क्यों? इस वारदात में मां भी शामिल

Hazaribagh Jadu Tona News: पुलिस ने बताया कि उन्होंने लड़की की मां रेशमी देवी, 55 वर्षीय शांति देवी (जो एक तांत्रिक है) और 40 वर्षीय भीम राम को गिरफ्तार किया है, ये सभी एक ही गांव के रहने वाले हैं।

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हजारीबाग में 13 वर्षीय लड़की की बलि दी गयी, क्यों? इस वारदात में मां भी शामिल

Hazaribagh Case: झारखंड पुलिस ने कुसुम्भा गांव में एक बलि अनुष्ठान के दौरान गला घोंटकर मारी गई किशोरी की 35 वर्षीय मां को एक तांत्रिक और एक अन्य व्यक्ति के साथ गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन और हजारीबाग के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) अंजनी झा ने देर रात एक संवाददाता सम्मेलन में इन गिरफ्तारियों की घोषणा की।

पुलिस ने बताया कि उन्होंने लड़की की मां रेशमी देवी, 55 वर्षीय शांति देवी (जो एक तांत्रिक है) और 40 वर्षीय भीम राम को गिरफ्तार किया है, ये सभी एक ही गांव के रहने वाले हैं। अंजनी अंजन ने बताया कि रेशमी देवी अक्सर अपने सबसे छोटे बेटे के इलाज के लिए अपने गांव में एक तांत्रिक (जादू-टोना करने वाले) के पास जाती थीं। उसका बेटा किसी मानसिक और शारीरिक बीमारी से पीड़ित है।

बेटे को ठीक करने के लिए बेटी की बली

उन्होंने बताया, 'तांत्रिक ने उसकी मां से कहा कि बेटे को सभी बीमारियों से ठीक करने के लिए उन्हें एक कुंवारी लड़की की बलि देनी होगी।' अधिकारी ने बताया कि 24 मार्च को अष्टमी की रात को जब पूरा गांव उत्सव के जश्न में डूबा हुआ था और मंगला जुलूस (राम नवमी की शोभायात्रा) देख रहा था, तब शांति देवी के घर में लड़की की अपनी मां और भीम राम ने कथित तौर पर उसका गला घोंटकर हत्या कर दी।

गुप्तांगों में लकड़ी की छड़ी डाली

पुलिस का दावा है कि तांत्रिक ने लड़की के गुप्तांगों में लकड़ी की छड़ी डाली, जबकि भीम राम ने अनुष्ठान के लिए खून निकालने के लिए उसके सिर पर प्रहार किया। लड़की की हत्या करने के बाद उन्होंने उसके शव को एक बगीचे में दफना दिया।

बलात्कार का दावा किया

अंजन ने बताया कि तीनों ने बलात्कार होने का दावा करके जांचकर्ताओं को गुमराह करने की कोशिश की, जो पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट में साबित नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि भीम राम पर अपनी एक रिश्तेदार और एक अन्य व्यक्ति की हत्या के आरोप भी हैं।

हाई कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान

झारखंड उच्च न्यायालय ने सोमवार को हजारीबाग के बिष्णुगढ़ में लड़की से कथित बलात्कार और हत्या का स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य प्रशासन और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की खंडपीठ ने मीडिया रिपोर्टों के आधार पर इस घटना का संज्ञान लिया।

इससे पहले, लड़की की मां ने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी का अपहरण कर लिया गया था और उसका शव 25 मार्च को गांव के एक खेत में मिला था। विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हत्या के विरोध में सोमवार को हजारीबाग में 12 घंटे का बंद आहूत किया।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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