Jammu Kashmir Weather: जम्मू-कश्मीर में इन दिनों मौसम का मिजाज किसी पहेली जैसा बना हुआ है। शनिवार को कुदरत ने महज चंद घंटों के भीतर धूप, मूसलधार बारिश, ओलावृष्टि और यहां तक कि एक दुर्लभ बवंडर दिखाकर सबको हैरत में डाल दिया। सुबह की शुरुआत गुनगुनी धूप के साथ हुई थी, लेकिन दोपहर होते-होते आसमान ने ऐसा पलटा खाया कि जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया और इतना ही नहीं, रविवार तड़के भूकंप के झटके भी आए।
अखनूर में कुदरत का दुर्लभ बवंडर से दहशत
शनिवार की सबसे चौंकाने वाली खबर जम्मू के अखनूर इलाके से आई, जहां शाम के समय एक दुर्लभ बवंडर (Tornado) देखा गया। हवा के इस घूमते हुए बवंडर ने स्थानीय निवासियों में भारी दहशत पैदा कर दी। लोग डर के मारे सुरक्षित ठिकानों की ओर भागे। मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक डॉ. मुख्तार अहमद ने पुष्टि की कि यह क्षेत्र के लिए एक अत्यंत दुर्लभ घटना है, जो आंधी-तूफान के दौरान हवा के तेज झोंकों के बवंडर में बदलने से पैदा हुई। गनीमत यह रही कि यह खुले मैदान में था, जिससे कोई जानी-नुकसान नहीं हुआ।
ओलावृष्टि और बारिश से जनजीवन बेहाल
उधमपुर और आसपास के क्षेत्रों में दोपहर बाद अचानक अंधेरा छा गया और देखते ही देखते मूसलधार बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि शुरू हो गई। करीब आधे घंटे तक गिरे ओलों ने शहर की रफ्तार थाम दी। राहगीरों और वाहन चालकों को दुकानों और पेट्रोल पंपों के नीचे शरण लेनी पड़ी। इस तेज बारिश ने नगर परिषद की सफाई व्यवस्था की भी पोल खोल दी। नालियां जाम होने के कारण मुख्य बाजारों और अस्पताल रोड जैसी जगहों पर सीवरेज का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा, जिससे दुकानदारों और पैदल चलने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
किसानों की बढ़ी चिंता और फसलों को नुकसान
लगातार हो रहे इस बेमौसम बदलाव ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। रामनगर के इंचा इलाके में पहले ही ओलावृष्टि से लैवेंडर की 40 प्रतिशत फसल बर्बाद हो चुकी है। अब शनिवार को हुई ओलावृष्टि ने गेहूं की फसल पर भी संकट खड़ा कर दिया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि ओलों की मार से गेहूं के सिट्टे काले पड़ सकते हैं, जिससे पैदावार और अनाज की गुणवत्ता दोनों पर बुरा असर पड़ेगा। विभाग ने अब नुकसान का सटीक आकलन करने के लिए फील्ड स्टाफ को रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
आगामी दिनों के लिए मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) अभी भी सक्रिय है, जिसका असर अगले कुछ दिनों तक घाटी में बना रहेगा। आज रविवारो को येलो पूरे राज्य में येलो अलर्ट जारी है, 14 अप्रैल को विभाग ने एक बार फिर 'येलो अलर्ट' जारी किया है, जिसके तहत 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है। हालांकि, 15 अप्रैल के बाद मौसम के मुख्य रूप से शुष्क रहने की उम्मीद है, जिससे किसानों को अपने कृषि कार्यों को फिर से शुरू करने का मौका मिलेगा। फिलहाल, नागरिकों को अचानक बदलते मौसम और तेज हवाओं के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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