जयपुर

Kota: मानसून आते ही रिहायशी इलाकों में दिखने लगे मगरमच्छ, शहर से 10 फीट लंबे मगर का हुआ रेस्क्यू

Rajasthan Kota News Today In Hindi (कोटा की खबर): कोटा में मानसून के दौरान मगरमच्छों का खतरा फिर बढ़ गया है। हाल ही में 10 फीट लंबा मगरमच्छ रिहायशी इलाके में देखा गया। बारिश के कारण जल स्रोतों से बाहर निकलते ये जानवर आबादी में पहुंच जाते हैं। हर साल 70 से 75 मगरमच्छों का रेस्क्यू किया जाता है।

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10 फीट बड़े मगरमच्छ का वनकर्मियों ने किया रेस्क्यू

Photo : Times Now Digital

Kota News: कोटा शहर में मानसून के दौरान एक बार फिर मगरमच्छों का खतरा सामने आने लगा है। बीते दिनों बजरंग नगर स्टील ब्रिज केनाल रोड पर शुक्रवार रात सड़क पर 5 फीट लम्बा मगरमच्छ दिखने का वीडियो वायरल हुआ था। आज फिर एक मगरमच्छ पर नपथेकड़ा क्षेत्र में करीब 10 फीट लंबा मगरमच्छ रेलवे के 80 फीट लंबे अंडरपास के जरिए देवाशीष सिटी जाने वाले रास्ते पर आ गया। राहगीरों की नजर पड़ते ही वन विभाग को सूचना दी गई।

बारिश के बाद रिहायशी इलाकों में घुस आते हैं मगरमच्छ

कोटा शहर की वॉटर में बड़ी संख्या में मगरमच्छ रहते हैं। बारिश का पानी जब इन वॉटर बॉडीज में ओवर फ्लो होने लगता है, तो मगरमच्छ खुद को बचाने के लिए बाहर निकल आते हैं। नतीजतन, ये जानवर नदियों, तालाबों, नालों और जलभराव वाले इलाकों से निकलकर रिहायशी क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। पिछले साल भी बारिश के बाद मगरमच्छों के रिहायशी इलाके में आने के मामले सामने आए थे।

मानसून में 70 से अधिक मगरमच्छों का रेस्क्यू

वनकर्मी वीरेंद्र सिंह हाडा के नेतृत्व में पहुंची टीम ने रस्सियों और टाट की बोरियों की मदद से सुरक्षित तरीके से मगरमच्छ को पकड़ा। राहत की बात यह रही कि मगरमच्छ ने किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। अनुमान है कि वह बरसाती नाले के बहाव के साथ इस जगह पर आ पहुंचा था। गौरतलब है कि हर साल मानसून सीजन में कोटा शहर में वन विभाग द्वारा औसतन 70 से 75 मगरमच्छों का रेस्क्यू किया जाता है। ये जानवर बारिश के चलते जल स्रोतों से बाहर निकलकर आबादी वाले इलाकों में घुस आते हैं, जिससे सुरक्षा का मुद्दा खड़ा हो जाता है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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