जयपुर

राजस्थान: 70 घंटे बाद भी बोरवेल में फंसी बच्ची, मां का बुरा हाल, खाना खाने से किया इनकार

दो दिनों तक बार-बार प्रयास करने के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला, बुधवार की सुबह मौके पर एक पाइलिंग मशीन लाई गई और बोरवेल के समानांतर एक गड्ढा खोदा गया।

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बोरवेल में गिरी बच्ची

Photo : PTI

Girl Still Stuck in Borewell: राजस्थान के कोटपूतली में तीन साल की चेतना 70 घंटे से अधिक समय से 150 फीट गहरे बोरवेल में फंसी हुई है और उसे बचाने के लिए बचाव अभियान गुरुवार को भी जारी है। अपनी बेटी की हालत को लेकर चिंतित ढोली देवी ने सोमवार को हुए दुखद हादसे के बाद से कुछ भी नहीं खाया है। कोटपूतली-बहरोड़ जिले के सरुंड थाना अंतर्गत बडियाली ढाणी में अपने पिता के कृषि फार्म में खेलते समय चेतना बोरवेल में गिर गई।

चेतना को भोजन-पानी नहीं मिल पाया

हर गुजरते पल के साथ, लड़की के ठीक होने की उम्मीद कम होती जा रही है क्योंकि बचाव दल चेतना को कोई भोजन या पानी नहीं दे पा रहा है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन की सहायता से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों के लगातार चल रहे बचाव अभियान के बीच ढोली देवी और अन्य लोग चेतना की सलामती के लिए लगातार प्रार्थना कर रहे हैं। शुरुआत में बच्ची को रिंग की मदद से बोरवेल से बाहर निकालने की कोशिश की गई लेकिन सभी कोशिशें नाकाम रहीं।

दो दिनों तक बार-बार प्रयास करने के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला, बुधवार की सुबह मौके पर एक पाइलिंग मशीन लाई गई और बोरवेल के समानांतर एक गड्ढा खोदा गया। सरुंड के थाना प्रभारी मोहम्मद इमरान ने कहा कि अब एक क्षैतिज सुरंग बनाई जाएगी जिसके माध्यम से विशेषज्ञ लड़की तक पहुंचेंगे।

बोरवेल बेहद संकरा

उन्होंने कहा कि लड़की को बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए गए लेकिन सारी मेहनत बेकार चली गई क्योंकि बोरवेल संकरा है और तकनीक परिणाम नहीं दे सकी। डॉक्टरों की एक टीम एम्बुलेंस के साथ मौके पर मौजूद है। थाना प्रभारी ने कहा कि बचाव अभियान आज समाप्त होने की संभावना है। कोटपूतली-बहरोड़ जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल बुधवार देर रात स्थिति का जायजा लेने गांव पहुंचीं। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान लगातार जारी है। पाइलिंग मशीन को खेत में लाने के लिए काफी तैयारियां करनी पड़ीं।

दो हफ्ते पहले, दौसा जिले में एक पांच साल का बच्चा बोरवेल में गिर गया था और बचाव अभियान 55 घंटे से अधिक समय तक चला था। हालांकि, जब तक लड़के को बाहर निकाला गया तब तक वह जिंदगी की जंग हार चुका था।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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