जयपुर

भांग के नशे में टल्ली था विदेशी, कृष्णभक्तों के फोड़े गए पटाखों को समझ बैठा फायरिंग, होटल से लगा दी छलांग

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Sep 9, 2023, 11:24 AM IST

Jaipur News: जन्माष्टमी की रात विदेशी नागरिक भांग के नशे में था। जब रात 12 बजे कृष्ण जन्म हुआ तो बड़ी संख्या में पटाखे जलाए गए। भांग के नशे में व्यक्ति को लगा कि कहीं गोलीबारी हो गई है। इसके बाद डर के मारे उसने तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी।

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पटाखों की आवाजा को गोलीबारी समझ बैठा विदेशी नागरिक

Photo : BCCL

Jaipur News: राजस्थान के जयपुर से एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है। यहां नार्वे के एक नागरिक ने भांग के नशे में होटल की बालकनी से छलांग लगा दी। पुलिस ने बताया, विदेशी नागरिक की पहचान नोए फिन वेटल के रूप में हुई है। उसके हाथ में फैक्चर आया है और हालत स्थिर है। अधिकारियों के मुताबिक, व्यक्ति का अस्पताल में इलाज चल रहा है और घटना के संबंध में नार्वे के दूतावास को भी इसकी सूचना दे दी गई है।

जानकरी के मुताबिक, जन्माष्टमी की रात विदेशी नागरिक भांग के नशे में था। जब रात 12 बजे कृष्ण जन्म हुआ तो बड़ी संख्या में पटाखे जलाए गए। भांग के नशे में व्यक्ति को लगा कि कहीं गोलीबारी हो गई है। वहीं मंत्रोच्चारण और जयकारों को उसने लोगों की चीखें समझ लिया। इसके बाद वह अपने विवेक विहार स्थित होटल के कमरे से बाहर आया और तीसरी मंजिल स्थित बालकनी से छलांग लगा दी।

सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस

पुलिस को जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, अधिकारी मौके पर पहुंचे और व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने बताया कि स्थानीय लोगों से पूछताछ में पता चला कि व्यक्ति छलांग लगाते समय 'आग' और 'मदद' जैसे शब्द बोल रहा था। बरहराल उसे जयपुरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों की जांच भी की, लेकिन कहीं से कोई गोलीबारी की घटना का पता नहीं चला।

तीन महीने पहले आया था भारत

पुलिस ने बताया पीड़ित व्यक्ति नार्वे के नामसोम का रहने वाला है। वह तीन महीने पहले योग सत्र में भाग लेने के लिए भारत आया था। पुलिस ने घटना के संबंध में सीसीटीवी फुटेज की जांच भी की, जिससे पता चला कि भांग के नशे में व्यक्ति ने पटाखों की आवाज को गोलीबारी समझ लिया था और होटल की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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