जयपुर में एक बिजनेसमैन, मनमोहन तोषनीवाल (54), ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने अपनी कार में बैठकर जहर खा लिया और इससे पहले एक वीडियो बनाकर अपने दोस्त को भेजा, जिसमें उन्होंने उधारी के पैसे मांगने पर मिल रही धमकियों के कारण आत्महत्या करने की बात कही। मनमोहन की फर्म चांदपोल बाजार में स्थित संदीप एजेंसी थी, और वह पिछले 20 वर्षों से चायपत्ती का व्यापार कर रहे थे।
मनमोहन ने नाथूराम चौधरी से लगभग 10-11 लाख रुपये का माल उधार लिया था, जिसे नाथूराम और उसके बेटे ने वापस नहीं किया। पिछले 5 महीनों से, मनमोहन को नाथूराम और उसके बेटे से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। 28 जून की रात, मनमोहन ने नाथूराम के घर जाकर उधारी की मांग की, लेकिन उन्हें फिर से धमकाया गया।
इस घटना के बाद, मनमोहन ने जहर खाकर आत्महत्या करने का निर्णय लिया और अपने दोस्त संजय को वीडियो भेजा। संजय ने तुरंत पुलिस को सूचित किया, लेकिन मनमोहन को अस्पताल ले जाने पर उसकी हालत गंभीर थी और वह बाद में मर गया। मनमोहन की पत्नी प्रियंका ने नाथूराम चौधरी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कराया है।
