देश के युवाओं का खेती-किसानी से मोहभंग हो रहा है और वे तेजी से शहरों की तरफ रुख कर रहे हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी (Anant Ambani) ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि फसल से होने वाली अनिश्चित कमाई और सीमित अवसर ही वे मुख्य कारण हैं, जिनकी वजह से आज के युवा खेती से दूर हो रहे हैं। शुक्रवार को आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए अनंत अंबानी ने ग्रामीण युवाओं को तकनीक, हुनर और स्वरोजगार से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया, ताकि वे अपने गांवों में ही रहकर एक बेहतर और आत्मनिर्भर भविष्य बना सकें।
1 लाख करोड़ का ग्लोबल हॉर्टिकल्चर सेंटर और नया एग्रीकल्चर स्कूल
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक अनंत अंबानी 1 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनने वाले ग्लोबल हॉर्टिकल्चर सेंटर (वैश्विक बागवानी केंद्र) और इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर (ISA) के शिलान्यास समारोह के अवसर पर बोल रहे थे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मकसद भारतीय कृषि व्यवस्था को आधुनिक बनाना और किसानों को नई तकनीकों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के संस्थान खेती को एक ऐसा आधुनिक और सम्मानजनक पेशा बनाने में मदद कर सकते हैं, जिसे भारत के शिक्षित युवा मजबूरी में नहीं, बल्कि गर्व और पसंद के साथ चुनें।
गांवों में ही रोजगार के नए रास्ते बनाने की पहल
समारोह के दौरान अनंत अंबानी ने कहा कि आज का युवा खेती इसलिए छोड़ रहा है क्योंकि उसे इसमें भविष्य सुरक्षित नहीं दिखता। कमाई की कोई गारंटी नहीं होती और आगे बढ़ने के मौके बहुत कम नजर आते हैं। हमें इस सोच को बदलना होगा। अगर हम युवाओं को सही कौशल, आधुनिक तकनीक और बिजनेस करने का अवसर प्रदान करें, तो वे अपने गांव में रहकर ही एक सफल जीवन जी सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को सिर्फ पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें कृषि-उद्यमिता (Agri-entrepreneurship) की ओर मोड़ना होगा। इससे न केवल गांवों से पलायन रुकेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।
'रिलायंस जियो' की मदद से लाखों किसानों तक पहुंचेगी ट्रेनिंग
इस विजन को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए रिलायंस ग्रुप अपनी दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो का बड़ा इस्तेमाल करने जा रहा है।
- वर्चुअल क्लासेज:- रिलायंस जियो देश के गांवों में डिजिटल इंटरैक्टिव क्लासेज के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाएगी।
- स्थानीय भाषाएं:- किसानों की सुविधा के लिए यह ट्रेनिंग मॉड्यूल अलग-अलग भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि भाषा किसी भी तरह की बाधा न बने।
- विस्तार:- इसके जरिए लाखों किसानों और युवाओं को एक साथ आधुनिक खेती, बागवानी, मृदा स्वास्थ्य और नई तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी।
डिजिटल विस्तार कार्यकर्ता बनेंगे युवा
अनंत अंबानी ने ग्रामीण युवाओं की नई भूमिका को लेकर एक बड़ा खाका पेश किया। उन्होंने बताया कि पढ़े-लिखे ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित करके 'डिजिटल विस्तार कार्यकर्ता' बनाया जाएगा। ये युवा गांवों में डिजिटल तकनीक और पारंपरिक किसानों के बीच एक पुल की तरह काम करेंगे। ये न केवल किसानों को मौसम, बीज, खाद और फसलों के दामों की सटीक जानकारी देंगे, बल्कि उन्हें आधुनिक औजारों और डिजिटल कृषि तकनीकों का इस्तेमाल करना भी सिखाएंगे। इससे गांवों में युवाओं के लिए नए तरह के सम्मानजनक रोजगार पैदा होंगे।
किसानों के लिए लॉन्च हुआ नया डिजिटल प्लेटफॉर्म 'जियो कृषि'
इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अनंत अंबानी ने बताया कि रिलायंस जियो ने किसानों के लिए एक विशेष डिजिटल प्लेटफॉर्म 'जियो कृषि' (Jio Krishi) तैयार किया है। इस प्लेटफॉर्म के तहत कई नए और अत्याधुनिक उत्पाद व सेवाएं विकसित की गई हैं, जो सीधे किसानों तक पहुंचेंगी। 'जियो कृषि' के जरिए किसानों को उनकी जमीन और फसल के हिसाब से सटीक सलाह, कीट प्रबंधन, बाजार के भाव और मौसम का पूर्वानुमान मोबाइल पर ही आसानी से मिल सकेगा।
तकनीक और हुनर से बदलेगी भारतीय कृषि की तस्वीर
अनंत अंबानी के इस संबोधन से यह स्पष्ट है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज कृषि क्षेत्र में एक बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर और 'जियो कृषि' जैसी पहलों से न केवल पारंपरिक खेती को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी, बल्कि गांवों के युवाओं को तकनीक से जोड़कर खेती को एक आकर्षक, लाभदायक और गर्व महसूस कराने वाले करियर के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।
