जयपुर

जयपुर DRM का X अकाउंट डेढ़ महीने से बंद; लालफीताशाही की भेंट चढ़ रही यात्रियों की सुविधा

रेलवे ने पिछले दस वर्षों में डिजिटलीकरण और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। फिर भी, सिस्टम अभी भी लालफीताशाही की समस्या से जूझ रहा है। इसका एक उदाहरण उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल का एक्स अकाउंट है, जिसे पिछले डेढ़ महीने से निलंबित कर दिया गया है। यह अकाउंट हैक हो गया था और अभी भी हैकर्स के नियंत्रण में है।

Image

जयपुर DRM का अकाउंट हैक होने से यात्रियों की दिक्कत बढ़ी

Photo : Times Now Digital

Jaipur: भारतीय रेलवे ने पिछले एक दशक में डिजिटलीकरण और तकनीकी सुधारों के लिए कई योजनाएं बनाई हैं, लेकिन सिस्टम अभी भी लालफीताशाही से प्रभावित है। पिछले डेढ़ महीने से जयपुर मंडल के DRM का आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट हैक हो गया है और अब तक हैकर्स के कब्जे में है। इससे प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की शिकायतों का समाधान प्रभावित हो रहा है।

स्थिति को देखते हुए DRM जयपुर के लिए नया एक्स अकाउंट बनाया गया और उसे वेरिफिकेशन (ब्लू टिक) दिलाने के लिए मुख्यालय और रेलवे बोर्ड से अनुरोध किया गया। लेकिन अभी तक वेरिफिकेशन नहीं मिलने के कारण वह अकाउंट बार-बार निलंबित होता रहा है। पहले अकाउंट को रीट्वीट्स की अधिकता के चलते सस्पेंड किया गया, और नया बनाया गया अकाउंट भी इसी कारण दोबारा सस्पेंड हो गया।

इस कारण जयपुर मंडल इस समय सीनियर DCM के एक्स अकाउंट के भरोसे ही चल रहा है, जिससे न सिर्फ यात्रियों की शिकायतों का समाधान बाधित हुआ है, बल्कि रेलवे अधिकारी भी आवश्यक सूचनाएं साझा करने में असहज महसूस कर रहे हैं। गौरतलब है कि करीब एक दशक पहले तत्कालीन रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने एक्स को रेलवे में शिकायत निवारण और सूचना साझा करने के एक प्रभावी माध्यम के रूप में शुरू किया था। तभी से यह यात्रियों के बीच बेहद लोकप्रिय बन गया है।

रेलवे की कई नीतियां, सूचनाएं और अपडेट्स नियमित रूप से एक्स पर साझा की जाती हैं, और यात्रियों की समस्याओं का त्वरित समाधान भी इसी मंच से होता है। ऐसे में आधिकारिक अकाउंट का न होना और बार-बार सस्पेंड होते रहना, पूरे सिस्टम की डिजिटल साख को प्रभावित कर रहा है। रेलवे को जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालना होगा ताकि यात्रियों को फिर से भरोसेमंद सेवा मिल सके।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

और पढ़ें
End of Article