जयपुर

Holi Festival 2023: राजस्थान के शेखावाटी की होली है अद्भुत, यहां पुरुष रचते हैं महिलाओं के स्वांग, गिंदड़ नृत्य होता है खास

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 4, 2023, 06:15 PM IST

Holi Festival 2023: राजस्थान के शेखावाटी अंचल में गाई जाती है धमाल व अद्भुत होता है गिंदड़ नृत्य। इसकी सबसे बड़ी खास बात ये होती है कि, इसमें पुरुष महिलाओं के स्वांग रच रात भर गिंदड़ नृत्य करते हैं। हालांकि शेखावाटी अंचल में वसंत पंचमी के बाद ढफ बजने आरंभ हो जाते हैं, जिन पर पुरुष चैक - मोहल्लों में बैठकर धमाल व फाग के लोक गीत गाते हैं। गिंदड़ नृत्य रात भर चलता है व इसे देखने कई बड़े शहरों से लोग शेखावाटी इलाके में आते हैं।

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राजस्थान के शेखावाटी में होली पर पुरुष महिलाओं का स्वांग रच करते हैं गिंदड़ डांस (फाइल फोटो)

KEY HIGHLIGHTS
  • शेखावाटी का गिंदड़ नृत्य रात भर समूह में चलता है
  • पुरुष महिलाओं के वेष में नृत्य में शामिल होते हैं
  • इसे देखने कई बड़े शहरों के लोग शेखावाटी अंचल में आते हैं

Holi Festival 2023: राजस्थान अपने वैभवशाली अतीत व असीम वीरता के लिए तो जाना जाता ही है। इसके अलावा इस सुरमयी धरा की एक और खासियत है, यहां के पारंपरिक लोक नृत्य व गीत। जो हर किसी का मन मोह लेते हैं। मस्ती से सराबोर करने वाले होली के त्योहार की अगर बात करें तो राजस्थान के शेखावाटी अंचल में गाई जाती है धमाल व अद्भुत होता है गिंदड़ नृत्य।

इसकी सबसे बड़ी खास बात ये होती है कि, इसमें पुरुष महिलाओं के स्वांग रच रात भर गिंदड़ नृत्य करते हैं। हालांकि शेखावाटी अंचल में वसंत पंचमी के बाद ढफ बजने आरंभ हो जाते हैं, जिन पर पुरुष चैक - मोहल्लों में बैठकर धमाल व फाग के लोक गीत गाते हैं।

अद्भुत होता है पुरुषों का श्रृंगार

धोरों की धरती में स्थित राजस्थान के शेखावाटी अंचल के सुजानगढ़, चूरू, रामगढ़, लक्ष्मणगढ़, राजलदेसर, पड़िहारा, छापर, बीदासर व सीकर समेत आसपास के कई गांवों व कस्बों में गिंदड़ नृत्य होली दहन से दो से तीन पहले शुरू होता है। कई स्थानों पर ये एक पखवाड़े पूर्व आरंभ होता है। गिंदड़ डांस की सबसे खास बात ये होती है कि, इसमें जाति व आयु का कोई बंधन नहीं होता। चांदनी रात की शीतलता में एक बड़े समूह में लोग कई प्रकार के स्वांग रचकर बांसुरी,ढप व नगाड़ों की मस्ती से सराबोर करने वाली धुनों पर हाथ में बड़े डंडे लिए एक- दूसरे के साथ गरबा की तरह कतार में नृत्य करते हैं। इसमें कई पुरुष महिलाओं के जैसे आकर्षक श्रृंगार कर इसमें शामिल होते हैं, जो कि, आकर्षण का मुख्य केंद्र बिंदू होते हैं।

धमाल कर देती फागुन की मस्ती चौगुनी

शेखावाटी में होली के मौके पर आपको हर गली मोहल्लो में हाथों में ढफ व बांसुरी लिए राजस्थान के पारंपरिक लोक गीतों पर धमाल गाते हुए मिलेंगे। धमाल सुनकर ही फागुन की मस्ती चौगुनी हो जाती है। हालांकि गिंदड़ में भी फागुन की धमाल ही गाई जाती है। जिसमें और रगं दे रे म्हाने औज्यूं रंग दे...होळिया में उड़े गुलाल सरीखे लोक गीतों के जरिए होली की खुशीयां बांटी जाती है। बता दें कि, गिंदड़ नृत्य रात भर चलता है व इसे देखने कई बड़े शहरों से लोग शेखावाटी इलाके में आते हैं।

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