जयपुर

कोर्ट के आदेश के बाद बंद किया गया 230 करोड़ में बना रामसेतु ब्रिज,जानें क्या है वजह

रामसेतु, जिसे भगवान राम ने अपनी बानर सेना की मदद से बनाया था वह युगों बाद भी वैसा का वैसा खड़ा है। यहां बात हो रही है राजस्थान के अजमेर में बने रामसेतु ब्रिज की, जो उद्घाटन के मात्र 2 साल बाद ही इतना खराब हो गया है कि कोर्ट ने उसे बंद करने का आदेश सुना दिया।

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यहां धंस गया रामसेतु (फोटो - स्थानीय कांग्रेस नेता के इंस्टाग्राम से https://www.instagram.com/reel/DLwr8w1u6Q0/)

Photo : Twitter

अजमेर, राजस्थान का एक बड़ा शहर है। यहां पर श्रद्धालु और पर्यटकों की आवाजाही भी खूब होती है। इसी शहर के बीचों-बीच यानी जिसे शहर का दिल कहा जाता है, वहां पर ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए एक पुल बनाया गया है। पुल को नाम भी रामसेतु का दिया गया, लेकिन उद्घाटन के मात्र सवा दो साल बाद ही कोर्ट के आदेश पर इस पुल को बंद कर देना पड़ा है। पुल के बंद होने के बीछे कोई धार्मिक कारण नहीं है, बल्कि कारण कुछ और ही है। चलिए जानते हैं।

दरअसल अजमेर का दिल कहे वाजे वाले इलाके में बने इस रामसेतु पुल को बंद करने के लिए शहर के ही दो निवासियों ने याचिका लगाई थी। कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए रामसेतु पुल को बंद करने का आदेश भी दे दिया। अब आप सोच रहे होंगे की जब धार्मिक वजह नहीं है तो फिर इस पुल को बंद क्यों कर दिया गया है? वजह बारिश है। वजह बारिश के कारण पुल में आयी दरारें हैं। कहीं इस पुल का हाल भी वडोदरा के गंभीरा पुल की तरह न हो जाए, इस डर के चलते इसको बंद करने का आदेश कोर्ट ने दिया है।

शहर में पहली ही बारिश के बाद रामसेतु में संरचना संबंधी गंभीर खामियां दिखने लगीं। पुल को अच्छा-खासा नुकसान हुआ है। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए स्थानीय अदालत ने इस पुल को बंद करने का आदेश दिया है।

मई 2023 में इस पुल का उद्घाटन हुआ था। इस 2.6 किमी लंबे एलिवेटेड रोड कॉरिडोर को 243 करोड़ की लागत से बनाया गया था। शहर को ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए इस पुल को बनाया गया था। अजमेर के रामसेतु को राज्य सरकार की सबसे महत्वकांक्षी योजनाओं में से एक माना गया था। लेकिन उद्घाटन के लगभग सवा दो साल के भीतर ही 3 जुलाई को हुई बारिश के बाद पुल का एक हिस्सा धंस गया। इस धंसाव ने पुल की गुणवत्ता पर सवालिया निशान खड़े कर दिए।

स्थानीय निवासी जितेश धनवानी और मुकेश पुरी ने कोर्ट एक याचिका दायर कर दी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश मनमोहन चंदेल ने पुल बंद करने का आदेश दे दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने नगर निगम आयुक्त और अजमेर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ को भी नोटिस जारी करने का आदेश दिया। दोनों याचिकाकर्ताओं के वकील विवेक पराशर का कहना है कि निवासी पुल का थर्ड पार्टी ऑडिट करवाना चाहते हैं।

रामसेतु पुल मामले में अगली सुनवाई आज यानी शुक्रवार 11 जुलाई को होनी है। अजमेर के कलेक्टर लोक बंधु ने जानकारी दी कि तीन सदस्यीय इंजीनियरों की टीम से पुल की जांच करवाई जाएगी। इसके साथ उन्होंने बताया कि मालवीय नेशनल इंजीनियरिंग संस्थान को चिट्ठी लिखी गई है और वे पुल की तनकनीकी जांच करके रिपोर्ट सौंपेंगे।

ज्ञात हो कि इस पुल का निर्माण जुलाई 2018 में शुरू हुआ था। पहले पुल निर्माण का कार्य जुलाई 2020 तक पूरा किया जाना था, लेकिन निर्माण कार्य में देरी के बाद आखिरकार मई 2023 में इसका उद्घाटन किया गया।

करीब एक महीने पहले ही डिवीजनल कमिश्नर के नेतृत्व में एक कमेटी ने इस पुल का नाम रामसेतु ब्रिज करने की मंजूरी दी थी। अब इस पुल के बंद हो जाने से अजमेर कचहरी रोड, आगरा गेट फव्वारा और मार्तिंडले ब्रिज पर ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ जाएगी।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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