अजमेर, राजस्थान का एक बड़ा शहर है। यहां पर श्रद्धालु और पर्यटकों की आवाजाही भी खूब होती है। इसी शहर के बीचों-बीच यानी जिसे शहर का दिल कहा जाता है, वहां पर ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए एक पुल बनाया गया है। पुल को नाम भी रामसेतु का दिया गया, लेकिन उद्घाटन के मात्र सवा दो साल बाद ही कोर्ट के आदेश पर इस पुल को बंद कर देना पड़ा है। पुल के बंद होने के बीछे कोई धार्मिक कारण नहीं है, बल्कि कारण कुछ और ही है। चलिए जानते हैं।
दरअसल अजमेर का दिल कहे वाजे वाले इलाके में बने इस रामसेतु पुल को बंद करने के लिए शहर के ही दो निवासियों ने याचिका लगाई थी। कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए रामसेतु पुल को बंद करने का आदेश भी दे दिया। अब आप सोच रहे होंगे की जब धार्मिक वजह नहीं है तो फिर इस पुल को बंद क्यों कर दिया गया है? वजह बारिश है। वजह बारिश के कारण पुल में आयी दरारें हैं। कहीं इस पुल का हाल भी वडोदरा के गंभीरा पुल की तरह न हो जाए, इस डर के चलते इसको बंद करने का आदेश कोर्ट ने दिया है।
शहर में पहली ही बारिश के बाद रामसेतु में संरचना संबंधी गंभीर खामियां दिखने लगीं। पुल को अच्छा-खासा नुकसान हुआ है। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए स्थानीय अदालत ने इस पुल को बंद करने का आदेश दिया है।
मई 2023 में इस पुल का उद्घाटन हुआ था। इस 2.6 किमी लंबे एलिवेटेड रोड कॉरिडोर को 243 करोड़ की लागत से बनाया गया था। शहर को ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए इस पुल को बनाया गया था। अजमेर के रामसेतु को राज्य सरकार की सबसे महत्वकांक्षी योजनाओं में से एक माना गया था। लेकिन उद्घाटन के लगभग सवा दो साल के भीतर ही 3 जुलाई को हुई बारिश के बाद पुल का एक हिस्सा धंस गया। इस धंसाव ने पुल की गुणवत्ता पर सवालिया निशान खड़े कर दिए।
स्थानीय निवासी जितेश धनवानी और मुकेश पुरी ने कोर्ट एक याचिका दायर कर दी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश मनमोहन चंदेल ने पुल बंद करने का आदेश दे दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने नगर निगम आयुक्त और अजमेर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ को भी नोटिस जारी करने का आदेश दिया। दोनों याचिकाकर्ताओं के वकील विवेक पराशर का कहना है कि निवासी पुल का थर्ड पार्टी ऑडिट करवाना चाहते हैं।
रामसेतु पुल मामले में अगली सुनवाई आज यानी शुक्रवार 11 जुलाई को होनी है। अजमेर के कलेक्टर लोक बंधु ने जानकारी दी कि तीन सदस्यीय इंजीनियरों की टीम से पुल की जांच करवाई जाएगी। इसके साथ उन्होंने बताया कि मालवीय नेशनल इंजीनियरिंग संस्थान को चिट्ठी लिखी गई है और वे पुल की तनकनीकी जांच करके रिपोर्ट सौंपेंगे।
ज्ञात हो कि इस पुल का निर्माण जुलाई 2018 में शुरू हुआ था। पहले पुल निर्माण का कार्य जुलाई 2020 तक पूरा किया जाना था, लेकिन निर्माण कार्य में देरी के बाद आखिरकार मई 2023 में इसका उद्घाटन किया गया।
करीब एक महीने पहले ही डिवीजनल कमिश्नर के नेतृत्व में एक कमेटी ने इस पुल का नाम रामसेतु ब्रिज करने की मंजूरी दी थी। अब इस पुल के बंद हो जाने से अजमेर कचहरी रोड, आगरा गेट फव्वारा और मार्तिंडले ब्रिज पर ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ जाएगी।
