Dussehra fair in Kota: राजस्थान के कोटा के दशहरा मेले में शुक्रवार को देर रात एक बड़ा हादसा उस वक्त टल गया जब रावण के पुतले को खड़ा करते समय क्रेन की बेल्ट अचानक टूट गई। क्रेन की बेल्ट टूटने की वजह से रावण के पुतले का एक हिस्सा गिरकर पेड़ पर जा गिरा। इस दौरान अफरातफरी का माहौल हो गया। गनीमत रही कि नीचे कोई व्यक्ति खड़ा नहीं था, नहीं तो एक बड़ा हादसा हो सकता था।
क्रेन से खड़ा किया जा रहा था पुतला
दरअसल, रावण के पुतले को खड़ा करने के लिए क्रेन का इस्तेमाल किया जा रहा था। कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले पहले ही स्थापित किए जा चुके थे। रावण के पुतले को खड़ा करते समय हल्की बारिश शुरू हो गई और जैसे ही उसकी कमर का हिस्सा क्रेन से लगाया जा रहा था, अचानक बेल्ट टूट गई। हादसे की सूचना मिलने के बाद मेला समिति के अध्यक्ष और नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
दोपहर से पहले खड़ा हो जाएगा पुतला
घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। हादसे के बाद निगम के अधिकारी ने जब मौके पर पहुंचकर जांच की तब पता चला कि रावण की गर्दन और कमर के हिस्से में लगा बांस और रस्सियां टूटी हैं। जिसे दुरुस्त कर दिया गया। आज दोपहर से पहले रावण को पूरी तरह से खड़ा कर दिया जाएगा, ताकि शाम में रावण दहन किया जाए। आपको बताते चलें, कोटा के दशहरा मैदान में रावण दहन से पहले मेला लगता है और यहां का रावण दहन राष्ट्रीय स्तर का होता है।
देश के कई हिस्सों में होगा रावण दहन
विजयादशमी के दिन आज देश के कई हिस्सों में रावण का पुतला जलाया जाएगा। इस पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। रावण दहन का कार्यक्रम शाम को निर्धारित है, जिसमें भारी संख्या में लोग शामिल होते हैं। रावण का पुतला जलाने की परंपरा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि यह समाज में सकारात्मक संदेश भी फैलाती है।
(इनपुट - IANS)
