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पुरी में IPL सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़: ‘Sky Exchange’ ऐप के जरिए चल रहा था करोड़ों का खेल, 4 गिरफ्तार

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस पूरे रैकेट का संचालन बेहद गुप्त तरीके से किया जा रहा था। आरोपी व्हाट्सएप के जरिए लेन-देन और बातचीत करते थे। इस नेटवर्क में एक व्यक्ति को “BOSS” कहकर संबोधित किया जाता था, जो पूरे गिरोह को नियंत्रित करता था।

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पुरी में IPL सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़

ओडिशा : पुरी जिले में पुलिस ने इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL मैचों पर चल रहे एक बड़े सट्टेबाजी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में नकदी, मोबाइल फोन और बैंक खातों में जमा लाखों रुपये जब्त किए हैं। इस पूरे नेटवर्क का संचालन ‘Sky Exchange’ नामक एक ऑनलाइन ऐप के जरिए किया जा रहा था।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रसन्ना प्रुस्ती, वी. नागेश्वर राव, विश्वनाथ लेंका और रमाकांत साहू के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 25 लाख 35 हजार रुपये नकद और 6 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा जांच के दौरान आरोपियों से जुड़े 10 बैंक खातों में मौजूद 31 लाख 81 हजार रुपये भी फ्रीज कर दिए गए हैं।

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी IPL मैचों पर ऑनलाइन सट्टा लगाने का संगठित नेटवर्क चला रहे थे। इसके लिए वे ‘Sky Exchange’ नाम के एक ऐप का इस्तेमाल करते थे। इस ऐप के जरिए लोगों से पैसे जमा करवाए जाते थे और बदले में उन्हें डिजिटल पॉइंट्स दिए जाते थे। उन्हीं पॉइंट्स के आधार पर IPL मैचों में हार-जीत पर सट्टा लगाया जाता था।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस नेटवर्क को फैलाने के लिए स्थानीय स्तर पर आयोजकों की नियुक्ति की गई थी। पुलिस के मुताबिक, इन आयोजकों को हर महीने करीब 22 हजार रुपये दिए जाते थे ताकि वे ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस सट्टेबाजी नेटवर्क से जोड़ सकें। बदले में आयोजकों को लाखों रुपये के पॉइंट्स उपलब्ध कराए जाते थे, जिन्हें आगे सट्टा खेलने वालों में बांटा जाता था।

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस पूरे रैकेट का संचालन बेहद गुप्त तरीके से किया जा रहा था। आरोपी व्हाट्सएप के जरिए लेन-देन और बातचीत करते थे। इस नेटवर्क में एक व्यक्ति को “BOSS” कहकर संबोधित किया जाता था, जो पूरे गिरोह को नियंत्रित करता था। हालांकि अभी तक उस मास्टरमाइंड की पहचान नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है।

पुरी पुलिस का कहना है कि यह केवल एक स्थानीय गिरोह नहीं बल्कि एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जिसके तार दूसरे राज्यों तक भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब जब्त मोबाइल फोन, बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल डेटा की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स युवाओं को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहे हैं। आसान कमाई और रातोंरात अमीर बनने का लालच देकर लोगों को इस जाल में फंसाया जाता है। कई मामलों में लोग भारी आर्थिक नुकसान का शिकार हो जाते हैं।

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की ऑनलाइन सट्टेबाजी या अवैध गेमिंग ऐप्स से दूर रहें। IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट के दौरान इस तरह के गिरोह सक्रिय हो जाते हैं और सोशल मीडिया, व्हाट्सएप तथा मोबाइल ऐप्स के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।

पुरी पुलिस ने साफ किया है कि अवैध सट्टेबाजी और साइबर अपराध के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही “BOSS” नाम से पूरे नेटवर्क को ऑपरेट करने वाले मुख्य आरोपी तक पहुंचने के लिए विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड का भी खुलासा कर दिया जाएगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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