ये है दुनिया की दूसरी सबसे ठंडी जगह, तापमान -40 डिग्री और मौजूद है भारत में

देशभर में धीरे-धीरे सर्दी का सितम छाने लगा है। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में जहां सर्दियों में कड़ाके की ठंड पड़ती है, वहीं दक्षिण भारत के कई हिस्सों में ठंड नाममात्र के लिए आती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया की दूसरी सबसे ठंडी जगह भारत में है। ये भी बता दें कि जिस जगह की हम बात कर रहे हैं, वहां पर सर्दियों में तापमान -40 डिग्री सेल्सियस तक भी पहुंच जाता है।

Authored by: दिगपाल सिंहUpdated Nov 18 2025, 16:55 IST
सोच से परे एक जगहImage Credit : Ladakh Tourism01 / 09

सोच से परे एक जगह

जी हां, इस जगह को सोच से परे ही कहा जा सकता है। क्योंकि यहां के हालात बिल्कुल भी सामान्य नहीं होते हैं। सर्दियों में यहां का तापमान शून्य से भी 40 डिग्री नीचे चला जाता है। हर तरफ सिर्फ और सिर्फ बर्फ की मोटी चादर बिछी नजर आती है। हर तरफ सफेद झाग सी नजर आती है।

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नाम क्या है

दुनिया की दूसरी सबसे ठंडी जगह और भारत की सबसे ठंडी जगह का नाम है द्रास। जी हां, यह वही केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के कारगिल जिले में आने वाला द्रास है, जिसे अंग्रेजी में Drass लिखा जाता है।

दुनिया का दूसरा सबसे ठंडा स्थानImage Credit : Ladakh Tourism03 / 09

दुनिया का दूसरा सबसे ठंडा स्थान

द्रास दुनिया का ऐसा सबसे ठंडा स्थान है, जहां पर इंसानी बस्ती है। हिमालय की वादियों के बीच बसे द्रास की लोकेशन की बात करें तो यह श्रीनगर और कारगिल के बीच रास्ते में पड़ने वाली जगह है। एडवेंचर के शौकीनों के लिए द्रास स्वर्ग से कम नहीं है।

क्यों फेमस है द्रास04 / 09

क्यों फेमस है द्रास

सर्दियों में द्रास का तापमान -40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। इस दौरान यह ग्रामीण इलाका लगभग जम जाता है और यहां का आम जन-जीवन भी काफी स्लो हो जाता है। सब कुछ जैसे थम सा जाता है।

जो-जिला के पास है मौजूद05 / 09

जो-जिला के पास है मौजूद

दुनिया की दूसरी सबसे ठंडी जगह द्रास, जो-जिला दर्रे के पास ही उसकी तलहटी में मौजूद है। सर्दियों में यहां के हालात जरूर बहुत कठिन होते हैं, लेकिन गर्मियों में यह एक बहुत ही मशहूर टूरिस्ट डेस्टिनेशन है।

अमरनाथ यात्रा मार्ग में06 / 09

अमरनाथ यात्रा मार्ग में

अमरनाथ गुफा और सुरू वैली का ट्रैक द्रास से ही शुरू होता है। इसके अलावा यह गांव कारगिल युद्ध के समय मशहूर हुए टाइगर हिल और तोलोलिंग हिल के पास ही मौजूद है, जो यहां दे दिखाई भी देते हैं।

वार मेमोरियल भी है यहां परImage Credit : Ladakh Tourism07 / 09

वार मेमोरियल भी है यहां पर

द्रास में मनमान टॉप भी मौजूद है, जहां से आप LOC देख सकते हैं। इसके अलावा आप ब्रिगेड वार गैलरी भी पहुंच सकते हैं, जहां पर कारगिल युद्ध के बारे में काफी जानकारी मौजूद है। इसी गांव में द्रास वार मेमोरियल भी मौजूद है। यहां पर कारगिल युद्ध के शहीदों की याद में स्मारक बनाया गया है।

यहां लें बटर टी का लुत्फImage Credit : Ladakh Tourism08 / 09

यहां लें बटर टी का लुत्फ

द्रास को एक दूर-दराज का इलाका माना जाता है और इसका रिमोट एरिया में होना ही इसकी यूएसपी है। यहां पर कई छोटे-छोटे होमस्टे मौजूद हैं, जहां पर आपको गर्मागर्म बटर टी के साथ ही गर्मजोशी से भरी आवभगत देखने को मिलेगी।

कब पहुंचें द्रासImage Credit : Ladakh Tourism09 / 09

कब पहुंचें द्रास

अगर आप द्रास आना चाहते हैं तो आपको जून से सितंबर महीनों के बीच यहां आना चाहिए। क्योंकि इस दौरान यहां की सड़कें खुली रहती हैं और घाटियों में हरियाली भी अपने चरम पर होती है। सर्दियों में यहां बहुत ज्यादा ठंड पड़ती है और एडवेंचर के शौकीन ही इस दौरान द्रास आना ज्यादा पसंद करते हैं।

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