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Indian Railways में 3AC और M1 दोनों एसी 3 टीयर कोच, फर्क क्या है, टिकट में कैसे पहचानें?

ट्रेन में सफर के दौरान स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते समय आपने भी कई जगह ‘M1’ लिखा देखा होगा। ऐसे में आपके जेहन में भी यह प्रश्न आया होगा कि आखिर ये M1 है क्या? चलिए जानते हैं -

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भारतीय ट्रेनों में M1 कोच का क्या मतलब है?

Indian Railways: भारत का रेल नेटवर्क दुनिया के सबसे लंबे रेल नेटवर्कों में से एक है। इतने बड़े देश को एक सूत्र में पिरोने में रेलवे की भूमिका काफी अहम है। आपने भी कभी न कभी ट्रेन की यात्रा जरूर की होगी या रेलवे स्टेशन गए होंगे। स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते समय आपने कई बार कोच पर ‘M1’ लिखा देखा होगा। यह निशान कई यात्रियों को भ्रमित कर देता है कि आखिर इसका मतलब क्या है। अगर आप भी उनमें से एक हैं तो अब चिंता की बात नहीं, क्योंकि हम आपको बताएंगे कि इसका मतलब क्या होता है?

M1 का क्या मतलब है

दरअसल, ‘M1’ कोच भारतीय रेलवे की नई योजना का हिस्सा है, जिसे साल 2021 में शुरू किया गया था। यह कोच AC 3-टियर इकोनॉमी श्रेणी (3E) को दर्शाता है। यानी अगर आपके टिकट पर 3E लिखा है, तो आपको M-सीरीज वाले कोच—जैसे M1, M2 या M3 में सफर करना होगा। यह सिस्टम आप जैसे यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर कोच पहचानने में मदद करता है और रेल गाड़ी में चढ़ने के दौरान होने वाली अफरातफरी को कम करता है।

किफायती AC कोच का विकल्प

पहले AC 3-टियर कोच को B1, B2 और स्लीपर कोच को S1, S2 के नाम से जाना जाता था। लेकिन M-सीरीज के आने से रेलवे ने यात्रियों को एक किफायती AC विकल्प भी दे दिया है। ये कोच आधुनिक LHB (लिंक हॉफमैन बुश) तकनीक पर आधारित होते हैं, जो हल्के स्टील से बने होते हैं और ज्यादा सुरक्षित व तेज रफ्तार के लिए जाने जाते हैं।

सामान्य 3AC से कैसे अलग है M1 कोच

अगर M1 कोच की तुलना सामान्य 3AC कोच से की जाए, तो दोनों में एयर कंडीशनिंग और तीन-स्तरीय बर्थ होती हैं। लेकिन अंतर इसकी क्षमता और कीमत में है। एक सामान्य 3AC कोच में लगभग 72 बर्थ होते हैं, जबकि M1 कोच में करीब 83 बर्थ होती हैं। यानी M1 कोच में ज्यादा यात्रियों को जगह मिलती है, लेकिन लेगरूम थोड़ा कम होता है। इसके बदले टिकट की कीमत 6-8 फीसद तक सस्ती होती है, जो इसे बजट यात्रियों के लिए आकर्षक बनाती है।

सुविधाओं की बात की जाए तो M1 कोच में चार्जिंग पॉइंट, रीडिंग लाइट, पंखे और AC जैसी सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। हालांकि, सामान्य 3AC कोच में मिलने वाले प्राइवेसी पर्दे (curtains) आमतौर पर इसमें नहीं होते। इसके अलावा बीच की बर्थ थोड़ी कॉम्पैक्ट हो सकती है, जिससे लंबे सफर में कुछ यात्रियों को असुविधा हो सकती है।

किफायती AC यात्रा के लिए लगा ये कोच

रेलवे के अनुसार, इन कोचों का मुख्य उद्देश्य AC यात्रा को अधिक सुलभ और किफायती बनाना है। छात्र और नौकरीपेशा लोग M1 कोच की एक यात्रा में 300 से 500 रुपये तक की बचत कर सकते हैं। उदाहरण के लिए Secunderabad से New Delhi के बीच सफर करने वाले परिवार M1 कोच चुनकर 1000 से 2000 रुपये तक की बचत कर सकते हैं। इसके साथ ही, ज्यादा सीटिंग क्षमता होने के कारण वेटिंग लिस्ट की समस्या भी कुछ हद तक कम हो जाती है।

कैसे बुक करें इस कोच में टिकट

रेल की टिकट बुकिंग के दौरान IRCTC की वेबसाइट या एप पर कोच टाइप देखकर आसानी से M1 कोच चुना जा सकता है। ध्यान रखें कि बुकिंग के बाद कोच टाइप बदला नहीं जा सकता। आने वाले समय में भारतीय रेलवे M-सीरीज कोच को और ज्यादा ट्रेनों में लागू करने की योजना बना रहा है।

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Digpal Singh
दिगपाल सिंह author

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी... और देखें

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