भारत में पिछली बार साल 2010 में राष्ट्रमंडल खेल यानी कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन दिल्ली में हुआ था। अब भारत ने 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए अपना दावा पेश किया है। भारत ने लंदन में कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स की मूल्यांकन समिति के समक्ष मेजबानी का प्रस्ताव औपचारिक तौर पर पेश कर दिया है। भारत गुजरात के प्रमुख शहर अहमदाबाद में इन खेलों का आयोजन करने का इच्छुक है।
हर्ष सांघवी, खेल मंत्री, गुजरात सरकार और डॉ. पी. टी. ऊषा, अध्यक्ष, सीजीए इंडिया ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। उनके साथ हरि रंजन राव, सचिव, खेल विभाग, युवा मामले और खेल मंत्रालय (MYAS), भारत सरकार; अश्विनी कुमार, प्रधान सचिव, खेल, युवा और सांस्कृतिक गतिविधि विभाग, गुजरात सरकार; बंछानिधि पाणि , आयुक्त, अहमदाबाद नगर निगम; रघुराम अय्यर, सीईओ, राष्ट्रमंडल खेल संघ भारत; लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह, कार्यकारी बोर्ड सदस्य, सीजीए इंडिया और अजय नरंग, अध्यक्ष, सीजीए के कार्यकारी सहायक, भारतीय टीम का हिस्सा थे।
2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स को 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। भारत की बिड में अहमदाबाद शहर को इस शताब्दी संस्करण की होस्ट सिटी के रूप में प्रस्तुत करती है। इसमें अंतरराष्ट्रीय मानकों के खेल स्थल, मजबूत परिवहन व्यवस्था और उच्च गुणवत्ता वाले आवास पर आधारित एक सघन खेल योजना प्रस्तावित है।
भारत का यह प्रस्ताव गेम्स रीसेट के सिद्धांतों पर आधारित है, जिसमें सामर्थ्य, समावेशिता और सततता को प्रमुख स्थान दिया गया है। इसका उद्देश्य पैरा-स्पोर्ट्स के समावेशन, मानवाधिकारों की सुरक्षा, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और दीर्घकालिक विरासत ढांचे को सुनिश्चित करने पर केंद्रित है, ताकि इसके फायदे सिर्फ खेलों तक सीमित न रहकर खिलाड़ियों, समाज और पूरे राष्ट्रमंडल तक पहुंच सकें।
अहमदाबाद पहले भी बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी कर चुका है और यह भारत की इस दावेदारी को और भी मजबूत बनाती है। अहमदाबाद ने आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2011, इंडियन प्रीमियर लीग और 2022 नेशनल गेम्स जैसे सफल आयोजन किए हैं। इसके अलावा, अहमदाबाद एशियन एक्वेटिक्स 2025, एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026, वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स 2029 और कई अन्य सिंगल व मल्टी स्टोर्ट्स आयोजनों की मेजबानी भी करेगा, जिससे 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों में संचालन का अनुभव बढ़ेगा।
इस अवसर पर गुजरात सरकार के खेल मंत्री ने कहा कि शताब्दी राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी गुजरात ही नहीं, भारत के लिए भी एक गर्व का क्षण होगा। हम इन खेलों को एक उत्प्रेरक के रूप में देखते हैं, जो हमारे युवाओं को प्रेरित करें, विकसित भारत @2047 की दिशा में हमारी यात्रा को गति दें, और अगले 100 वर्षों के लिए राष्ट्रमंडल खेलों के उद्देश्यों को और सशक्त बनाएं।
राष्ट्रमंडल खेल संघ भारत की अध्यक्ष ने कहा कि भारत की दावेदारी सिर्फ हमारी क्षमताओं का प्रदर्शन नहीं, बल्कि हमारे मूल्यों का प्रतीक है। अहमदाबाद, ग्लासगो 2026 के बाद बैटन को संभालने और 2034 संस्करण की दिशा में एक प्रेरणास्रोत के रूप में कार्य करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। हमारा उद्देश्य इस शताब्दी संस्करण को ऐसा स्वरूप देना है जो अतीत की विरासत का सम्मान करते हुए राष्ट्रमंडल खेलों के भविष्य को सशक्त दिशा प्रदान करे।
