LPG Crisis: देश के महानगरों से लेकर छोटे कस्बों तक रसोई गैस की किल्लत ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सरकार और तेल कंपनियां भले ही आपूर्ति सामान्य होने का दावा कर रही हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके उलट है। जमाखोरी और कालाबाजारी करने वाले गिरोह सक्रिय हो गए हैं, जिससे गैस की कमी पैदा हो गई है।
मनोरंजन जगत पर असर: फिल्म सिटी में बदला मेन्यू
ईरान युद्ध और ईंधन संकट का सबसे अनोखा असर मुंबई के मनोरंजन जगत पर देखने को मिल रहा है। गोरेगांव स्थित फिल्म सिटी और शूटिंग सेट्स पर अब क्रू मेंबर्स को दोपहर के खाने में चपाती की जगह 'पाव' परोसा जा रहा है। प्रोडक्शन हाउस का कहना है कि गैस की कमी के कारण चपातियां बनाना मुश्किल हो रहा है। चर्चा यहां तक है कि अगर संकट बना रहा, तो खाने के मेन्यू में और भी बड़ी कटौती की जा सकती है। हजारों कलाकारों और क्रू सदस्यों के लिए भोजन की व्यवस्था करना अब एक बड़ी चुनौती बन गया है।
नोएडा और पटना का हाल
नोएडा के सेक्टर-5 स्थित हरोला मार्केट में पिछले तीन-चार दिनों से नजारा युद्ध स्तर जैसा है। सुबह होते ही लोग खाली सिलेंडरों के साथ लंबी लाइनों में खड़े हो जाते हैं। बुकिंग के बावजूद घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
वहीं, पटना के बोरिंग रोड स्थित वेंडर जोन में छोटे दुकानदारों और ठेले वालों का रोजगार खतरे में है। गैस न मिलने के कारण कई दुकानदार अब पुराने दौर की तरह कोयले के चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हैं। दुकानदारों का आरोप है कि उन्हें मजबूरी में 3000 रुपये तक देकर ब्लैक में सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। अगर यही हाल रहा, तो जल्द ही कई स्ट्रीट फूड वेंडर्स को अपना काम बंद करना पड़ सकता है।
अफवाहों से बढ़ रही परेशानी
प्रशासन का मानना है कि खाड़ी में चल रहे युद्ध के बीच लोग 'डर' की वजह से जरूरत से ज्यादा स्टॉक जमा कर रहे हैं। इसी घबराहट का फायदा उठाकर गिरोह सक्रिय हो गए हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे पैनिक न करें और केवल अधिकृत एजेंसियों से ही गैस लें।
छत्तीसगढ़ और मुंबई में कालाबाजारी को लेकर छापेमारी
जमाखोरों और कालाबाजारियों के खिलाफ प्रशासन ने अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है। छत्तीसगढ़ में 102 ठिकानों पर की गई छापेमारी में अब तक 741 एलपीजी सिलेंडर ज़ब्त किए गए हैं। मुंबई के वर्ली के रिहायशी इलाके 'सूरज वल्लभदास चॉल' में विजिलेंस विभाग ने गुप्त ऑपरेशन चलाकर 172 अवैध सिलेंडर बरामद किए। घनी आबादी के बीच बिना सुरक्षा के रखे गए ये सिलेंडर किसी बड़े हादसे को दावत दे रहे थे। यहां अवैध रिफिलिंग कर गैस को ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा था।
