प्यास से तड़पेगा बांग्लादेश! बिहार को मिलेगा गंगा नदी से ज्यादा पानी
- Edited by: Nilesh Dwivedi
- Updated Jan 20, 2026, 07:52 PM IST
भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे से जुड़े 1996 के समझौते के नवीनीकरण की प्रक्रिया तेज हो गई है, जिसका असर बिहार पर भी पड़ सकता है। प्रस्तावित नए समझौते में शुष्क मौसम के दौरान बिहार को अतिरिक्त जल मिलने की संभावना जताई जा रही है। इससे राज्य के जल संकटग्रस्त क्षेत्रों को राहत मिलने और पेयजल व औद्योगिक जरूरतों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
नए गंगा जल समझौते से बिहार को राहत की उम्मीद
India Bangladesh New Ganga Water Pact: भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा नदी के जल वितरण से जुड़े 1996 के समझौते को नए सिरे से लागू करने की दिशा में प्रयास तेज हो गए हैं। इस बीच बिहार के लिए एक सकारात्मक संकेत सामने आया है। नए प्रस्तावित समझौते में यह संभावना जताई जा रही है कि शुष्क मौसम के दौरान राज्य को लगभग 900 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इस जल का उपयोग मुख्य रूप से पेयजल आपूर्ति और औद्योगिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
12 दिसंबर 2026 को खत्म होगी अवधि
सूत्रों की मानें तो गंगा जल बंटवारे को लेकर 1996 में किया गया समझौता 12 दिसंबर 2026 को अपनी तय अवधि पूरी कर लेगा। इसे ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने पहले ही इसकी समीक्षा और आगे की कार्ययोजना तैयार करने के लिए जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत एक आंतरिक समिति गठित की है। इस समिति की अंतिम रिपोर्ट में शुष्क मौसम के दौरान बिहार को लगभग 900 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराने की अनुशंसा की गई है।
जनवरी से मई के बीच पानी की मांग
जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार सरकार ने नए प्रस्तावित समझौते में शुष्क मौसम यानी जनवरी से मई के बीच 2000 क्यूसेक जल की मांग रखी थी। लेकिन जल उपलब्धता और अंतरराष्ट्रीय जल वितरण में संतुलन बनाए रखने को देखते हुए समिति ने फिलहाल राज्य को लगभग 900 क्यूसेक पानी देने की सिफारिश की है।
बिहार के इन क्षेत्रों में होता है जल संकट
अधिकारियों के अनुसार प्रस्तावित नए समझौते से बिहार को खास फायदा मिलने की संभावना है, क्योंकि दक्षिण बिहार के अनेक क्षेत्र हर वर्ष गर्मियों में गंभीर जल संकट का सामना करते हैं। अगर यह व्यवस्था लागू होती है, तो इससे न केवल पेयजल आपूर्ति में सुधार होगा, बल्कि औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
कहां से होता है पानी का बंटवारा?
भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल साझा करने की इस व्यवस्था का मुख्य केंद्र पश्चिम बंगाल स्थित फरक्का बैराज है, जहां से नदी के पानी का बंटवारा होता है। मौजूदा समझौते में किसी राज्य के लिए अलग से कोटा निर्धारित नहीं है, बल्कि उपलब्ध जल मात्रा के अनुसार वितरण किया जाता है।
बिहार में कहां बहती है गंगा नदी?
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बिहार इस जल समझौते का एक महत्वपूर्ण पक्ष है, क्योंकि गंगा नदी राज्य के ऊपरी क्षेत्रों से होकर बहती हुई आगे बांग्लादेश में प्रवेश करती है। इसी कारण नए समझौते में बिहार की आवश्यकताओं और भूमिका को विशेष महत्व दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
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