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क्या इस बार जल्दी दस्तक देगा मानसून? ओडिशा में मौसम विभाग का बड़ा अपडेट

Early Monsoon in India: बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर एरिया की वजह से ओडिशा समेत पूर्वी भारत में बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इसके असर से दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार जल्दी दस्तक दे सकता है।

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Monsoon prediction

Monsoon 2026: देश में लगातार बदल रहे मौसम के बीच मानसून को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) में बने लो-प्रेशर एरिया ने पूर्वी भारत के कई राज्यों की चिंता बढ़ा दी है। इस नए मौसम सिस्टम के कारण ओडिशा समेत कई राज्यों में आंधी-बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का मानना है कि पूर्वी भारत में एक्टिव हुआ यह सिस्टम मानसून की रफ्तार तेज कर सकता है, जिससे दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) इस बार समय से पहले दस्तक दे सकता है।

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और श्रीलंका के उत्तरी तट के नजदीक कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बन गया है। अगले 48 घंटों में इस वेदर सिस्टम के और मजबूत होने की संभावना है। विभाग का कहना है कि जल्द ही यह डिप्रेशन में बदल सकता है। यह सिस्टम मन्नार की खाड़ी और श्रीलंका के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के प्रभाव से तैयार हुआ है।

ओडिशा के 21 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

इस मौसम सिस्टम का सबसे ज्यादा प्रभाव ओडिशा में नजर आ सकता है। IMD ने अगले छह दिनों तक राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। साथ ही चार दिनों तक बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। भुवनेश्वर मौसम केंद्र के अनुसार ओडिशा के कम से कम 21 जिलों में आंधी-बारिश का असर देखने को मिल सकता है। वहीं मयूरभंज जिले के लिए बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है और बाकी 20 जिलों में येलो अलर्ट है।

मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। साथ ही किसानों, मछुआरों और खुले इलाकों में काम करने वाले लोगों को खासतौर पर सावधानी बरतने को कहा है। बिजली गिरने और तेज आंधी के दौरान खुले मैदानों और ऊंची जगहों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले मौसम की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।

प्री-मानसून पैटर्न से अलग है वेदर सिस्टम

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह वेदर सिस्टम सामान्य प्री-मानसून पैटर्न से अलग है। आमतौर पर अंडमान सागर के पास इस तरह के सिस्टम बनते हैं, लेकिन इस बार यह सीधे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना है। जिस वजह से मौसम वैज्ञानिक इसे खास मान रहे हैं। उनका मानना है कि यह मौसम सिस्टम मानसून की गति तेजी करने में मदद कर सकता है, जिससे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में मानसून की दस्तक सामान्य से पहले हो सकती है।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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