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प्रशांत महासागर में अल नीनो का साया, मानसून की सुस्त चाल ने बढ़ाई चिंता, जून में 28% कम हुई बारिश

प्रशांत महासागर में अल नीनो एक्टिव होने और पश्चिमी हवाओं के कारण मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। जून के पहले 15 दिनों में देशभर में सामान्य से 25% कम बारिश हुई है। हालांकि मानसून तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ क्षेत्रों तक पहुंच चुका है, अगले कुछ दिनों में इसके आगे बढ़ने की संभावना है।

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Monsoon Update

Monsoon Update: प्रशांत महासागर में 'अल नीनो' (El Nino) के एक्टिव होने का प्रभाव अब मानसून पर साफ दिखने लगा है। जून का आधा महीना बीत चुका है। इसके बावजूद देश के बड़े हिस्से में झुलसाती गर्मी पड़ रही है। हालांकि मानसून आगे तो बढ़ रहा है, लेकिन इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार जून के पहले 15 दिनों में सामान्य से लगभग 25 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले एक सप्ताह में बारिश की कमी और बढ़ने की संभावना है, यह किसानों और आम जनजीवन के लिए काफी चिंता की बात है।

देश में भले ही मानसून की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। लेकिन सोमवार को कई दिनों के बाद मानसून ने कुछ रफ्तार पकड़ी। इस दौरान तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड तथा बिहार के कुछ हिस्सों में मानसून आगे बढ़ा। हालांकि देश के बड़े हिस्से में अभी भी इसकी स्थिति कमजोर बनी हुई है। मुंबई में आमतौर पर 11 जून तक मानसून की एंट्री हो जाती है। लेकिन इस बार मुंबईकरों को मानसूनी बारिश के लिए काी इंतजार करना पड़ रहा है। सैटेलाइट तस्वीरों से भी संकेत मिल रहे हैं कि मानसूनी बादल पर्याप्त रूप से विकसित नहीं हो पा रहे हैं।

पश्चिमी हवाएं बन रहीं बड़ी रुकावट

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार मानसून के कमजोर होने के पीछे अल नीनो के साथ ही स्थानीय वायुमंडलीय परिस्थितियां भी जिम्मेदार हैं। इस समय आसमान की ऊपरी सतह पर बहने वाली 'वेस्टरली जेट स्ट्रीम' यानी पश्चिमी हवाएं सामान्य स्थिति से काफी दक्षिण की ओर खिसक गई हैं। इन तेज हवाओं के कारण मानसूनी बादल बनने और लंबे समय तक टिकने में मुश्किल हो रही है। ऐसे में कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि मौसम मॉडल संकेत दे रहे हैं कि यह स्थिति स्थायी नहीं है और आने वाले दिनों में मानसून फिर से रफ्तार पकड़ सकता है।

कहां तक पहुंचा मानसून?

मौसम विभाग के अनुसार, 15 जून तक दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बाकी हिस्सों को कवर कर लिया है। इसके अलावा यह तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों तक भी पहुंच चुका है। फिलहाल मानसून की उत्तरी सीमा हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है।

अगले 4-5 दिनों में इन क्षेत्रों में बढ़ेगा मानसून

मौसम विभाग के अनुसार अगले 4-5 दिनों के दौरान मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। इस दौरान यह महाराष्ट्र के बचे हुए हिस्सों, कर्नाटक के बाकी क्षेत्रों, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड व बिहार के शेष भागों, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों और मध्य अरब सागर के क्षेत्रों तक पहुंच सकता है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जब तक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में कोई मजबूत कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) नहीं बनता, तब तक मानसून में अधिक तेजी देखने को नहीं मिलेगी।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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