Iran War पर फिलहाल 2 हफ्ते का ब्रेक लग गया है। अमेरिका-इजरायल और ईरान फिलहाल सीजफायर यानी युद्धविराम पर राजी हो गए हैं। क्योंकि इस युद्ध के चलते होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही बंद हो गई थी। ईरान की तरफ से भारत जैसे कुछ ही मित्र राष्ट्रों को यहां से ईंधन वाले जहाज ले जाने की छूट मिली हुई थी। इससे दुनिया के अन्य देशों के साथ ही भारत में भी खासतौर पर LPG को लेकर समस्याएं (LPG Crisis) होने लगी थीं। दिक्कत और न बढ़े, इसके लिए सरकार ने इस दौरान कई जरूरी कदम उठाए। उनमें से एक कदम देश में ही PNG का उत्पादन बढ़ाना भी एक उपाय है। इसी के तहत अब नोएडा में घरों के गीले कचरे से PNG बनाने का प्लांट लगाने की तैयारी है। चलिए जानते हैं इस बारे में सब कुछ -
घरों तक पीएनजी की आपूर्ति के लिए नोएडा में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेट (IGL) ने कमर कस ली है। IGL नोएडा में 300 थर्मल डिकंपोजीशन प्लांट (TDP) का कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) प्लांट लगाने जा रहा है। नोएडा के अस्तौली में यह प्लांट लगाने के लिए नोएडा प्राधिकरण के CEO कृष्णा करुणेश ने कल यानी मंगलवार 7 अप्रैल को मंजूरी भी दे दी है।
15000 किलो गैस होगी तैयार
ग्रेटर नोएडा से निकलने वाले 300 मीट्रिक टन गीले कचरे से यह गैस बनाई जाएगी। 300 टन गीला कचरा शहर के इस प्लांट में वैज्ञानिक पद्वति से निस्तारित होगा। इससे अननुमानित 15 हजार किलो CBG तैयार होगी। इसके बाद इस गैस को पाइप नेचुरल गैस (PNG) के जरिए लोगों के घरों और कॉमर्शियल प्लेसेस तक पहुंचाया जाएगा।
IGL की मांग और प्राधिकरण का सुझाव
IGL ने प्राधिकरण से प्लांट लगाने के लिए और ज्यादा जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। ताकि वह प्लांट के बाहर CNG पंप भी संचालित कर सके और शहरवासियों को सस्ती सीएनजी उपलब्ध करवा सके। प्राधिकरण के सीईओ ने कंपनी के प्रतिनिधियों से उनकी मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि 300 की जगह अगर कंपनी यहां पर 400 या 500 TDP का प्लांट लगाए तो यह शहरवासियों के भविष्य के लिए और भी बेहतर होगा।
कचरा मुक्त हो जाएगा ग्रेटर नोएडा
नोएडा अथॉरिटी के सीईओ कृष्णा करुणेश ने जानकारी दी कि शहर को कचरा मुक्त बनाने की दिशा में अथॉरिटी ने यह एक कदम आगे बढ़ाया है। ज्ञात हो कि पिछले दिनों ठोस कचरा निस्तारण के लिए दो एजेंसियों का चयन किया गया था, जो ग्रीन कोल और CBG बनाती। इन दोनों ही कंपनियों के साथ अस्तौली में प्लांट लगाने का कॉन्ट्रैक्ट किया गया था और इसके लिए 30 एकड़ जमीन भी उपलब्ध करवा दी गई थी।
काम नहीं किया तो कॉन्ट्रैक्ट रद्द
ऑटोमेटिक कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) प्लांट के निर्माण और संचालन के लिए इंडो इनवायरो इंटीग्रेटेड सॉल्यूशंस लिमिटेड/एवर इनवायरो रिसोर्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड (ERMPL) को करना था। जबकि चारकोल प्लांट (टोरीफाइड कोल) का संचालन NTPC Limited द्वारा किया जाना था। इसमें NTPC ने प्लांट भी तैयार कर लिया, जबकि CBG प्लांट का काम शुरू नहीं हो पाया। इसके बाद प्राधिकरण ने ERMPL के साथ कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया।
अब जबकि CBG प्लांट लगाने के लिए IGL का प्रस्ताव मंजूर हो चुका है। तो बता दें कि नोएडा से निकलने वाले 900 मीट्रिट टन गीले कचरे का निस्तारण भी IGL करेगा। नोएडा प्राधिकरण आईजीएल को गीला कचरा अलग करके उपलब्ध कराएगा, जिससे सीबीजी तैयार होगी।
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