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संभल में होली पर अलर्ट, जुमे की नमाज पर नजर, शाही जामा मस्जिद के बाहर कड़ा पहरा

संभल में होली और जुमे की नमाज को लेकर प्रशासन मुस्तैद है। शाही जामा मस्जिद के बाहर कड़े इंतजाम किए गए हैं। ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही है।

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संभल की शाही जामा मस्जिद।

संभल : जुमे की नमाज और होली के त्योहार के मद्देनजर शाही जामा मस्जिद के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। संभल में चप्पे-चप्पे पर कड़ा पहरा है और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही है। एएसपी श्रीश चंद्र ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "होली के अवसर पर सुरक्षित उत्सव सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। सभी सेक्टर और जोन में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। संभल में सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर सीओ संभल अनुज चौधरी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "तीन बड़े ड्रोन से निगरानी की जा रही है और चप्पे-चप्पे पर भारी संख्या में फोर्स तैनात की गई है।

होली और रमजान के जुमे की नमाज एक ही दिन पर होने के कारण उत्तर प्रदेश प्रशासन अलर्ट है। संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। संभल में भी प्रशासन हाई अलर्ट पर है।

होली को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के बारे में संभल डीएम राजेंद्र पैंसिया ने कहा था, "संभल में सब कुछ सामान्य है। दोनों पक्षों की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हुए हैं। हमारी टीम ने सभी स्थानों का भ्रमण कर लिया है। ग्रामवार, थानावार और जनपद स्तर पर शांति समिति की बैठक सभी के साथ संपन्न हुई है। सभी ने विश्वास दिलाया है कि इस बार पर्व मनाने में सभी सहयोग देंगे।" इससे पहले गुरुवार को संभल में 46 साल बाद कार्तिकेय महादेव मंदिर में होली खेली गई, जिससे भक्तों में खासा उत्साह और खुशी का माहौल रहा। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने रंग-गुलाल उड़ाकर एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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