Kullu Cloudburst: कुल्लू जिले में शनिवार शाम भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ से सड़क किनारे खड़े लगभग 20 से 25 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। निरमंड के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मनमोहन सिंह ने बताया कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। भारी बारिश के कारण सूखे शरशया नाले में अचानक पानी का बहाव तेज हो गया, जिससे निरमंड के जगत खाना के निकट लगभग 20-25 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। बाढ़ और मलबे में बहते वाहनों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। भारी बारिश से सतलुज नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है।
यहां फटा बादल
कुल्लू और रामपुर के पास जमातखाना, निरमंड और अनी इलाकों में बादल फटने की घटना हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 25 गाड़ियां पानी में बह गईं, लेकिन अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक शिमला और कुल्लू जिलों की सीमा पर जमातखाना नाला में बादल फटने की घटना हुई। पांच गाड़ियां बहकर सतलुज नदी के किनारे पहुंच गईं, जबकि पांच से छह गाड़ियां मलबे में दब गई हैं। भारी बारिश के कारण जमातखाना नाला का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे भारी नुकसान हुआ। ओलावृष्टि के कारण रामपुर में फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।
आंधी-तूफान का अलर्ट
स्थानीय लोगों ने दावा किया कि यह घटना बादल फटने के कारण हुई, जबकि प्रशासन ने इसके लिए भारी बारिश को जिम्मेदार ठहराया। स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र ने 27 व 28 मई को सभी 12 जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने के साथ आंधी-तूफान का ‘येलो’ अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने बताया कि 25 और 26 मई को सिरमौर, सोलन, शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और चंबा जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है।
शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने नौ जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है, जिसमें संभावित बारिश, ओलावृष्टि और आंधी की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन शामिल हैं। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
