कैथल : हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू ने पुलिस अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एंटी नारकोटिक्स सेल में तैनात सुनील संधू ने एक फेसबुक पर पोस्ट कर बताया कि प्रशासन के कहने पर ही उसने नशे के खिलाफ अभियान चलाया था। लेकिन, अब कलायत DSP ललित यादव उसे नशा बेचने के केस में फंसाने की धमकी दे रहे हैं और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। मामले के तूल पकड़ते ही आम आदमी पार्टी ने हरियाणा सरकार पर कटाक्ष किए हैं। कहा जा रहा है कि राज्य के युवा इंजेक्शन से लेकर ‘चिट्टा’ तक के जाल में फंस रहे हैं।
इसी बीच हरियाणा के एक पुलिसकर्मी सुनील संधू की सोशल मीडिया पोस्ट ने पूरे मामले को तूल दे दिया है। उनका कहना है कि वे नशे के खिलाफ कार्रवाई कर रहे थे, लेकिन उन पर ही कथित तौर पर दबाव बनाया जा रहा है। आरोप लगाया कि बड़े अधिकारी उन्हें तस्करों को छोड़ने के लिए कह रहे हैं और मना करने पर कार्रवाई की धमकी दी जा रही है।
आम आदमी पार्टी ने सरकार पर साधा निशाना
मामले के तूल पकड़ते ही आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने सीधे तौर पर हरियाणा की बीजेपी सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को कठघरे में खड़ा किया है। उनका कहना है कि जैसे-जैसे पंजाब में नशा कारोबार पर शिकंजा कस रहा है, तस्करों ने हरियाणा को नया ठिकाना बना लिया है। जैसे अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार ने पंजाब में नशा फैलाया था। वैसे हरियाणा में भी नशा कारोबारी की सरपरस्ती नायब सिंह सरकार कर रही है। जो पुलिसकर्मी नशा रोकने की कोशिश कर रहे हैं उन पर अत्याचार किया जा रहा है। यह एक बहुत गंभीर आरोप है। नायब सिंह ऐसे सीनियर अधिकारियों को पर कार्रवाई क्यों नहीं करते हैं आखिर नायब सिंह इन्हें क्यों बचा रहे हैं?
पंजाब में हालात सुधरने का दावा
अनुराग ढांडा ने कहा कि पंजाब में 2022 के बाद से भगवंत मान सरकार ने ‘नशे के खिलाफ जंग’ की बात की। लिहाजा, बड़े-बड़े सप्लायर पकड़े गए, संपत्तियां जब्त हुईं और पुलिस-प्रशासन को सख्त संदेश दिया गया कि किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
हरियाणा में विपक्ष का आरोप है कि जहां बीजेपी की सरकार है, वहां नशा नेटवर्क जड़ें जमा रहा है और जो अधिकारी कार्रवाई करना चाहते हैं, उन्हें संरक्षण नहीं मिल रहा। अगर सुनील संधू जैसे अधिकारी को धमकियां मिलती हैं, तो यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का नहीं, राजनीतिक इच्छाशक्ति का भी मुद्दा है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह पर कटाक्ष करते हुए AAP नेताओं ने कहा है कि दूसरे राज्यों की राजनीति करने से पहले हरियाणा के युवाओं को बचाना प्राथमिकता होनी चाहिए। उनका कहना है कि अगर किसी अधिकारी या उसके परिवार को नुकसान होता है, तो इसकी जिम्मेदारी सीधे सरकार की होगी। लिहादा पंजाब जैसी हरियाणा में भी सख्ती और पारदर्शिता की मांग उठ रही है।
