Delhi Haj Flights: 18 अप्रैल 2026 से दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हज यात्राओं की शुरुआत होने जा रही है। इस एयरपोर्ट से सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों के हज यात्री भी अपनी पवित्र यात्रा के लिए रवाना होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली प्रदेश हज कमेटी द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए खास इंतजाम किए जाते हैं, ताकि किसी भी हाज यात्री को परेशानी का सामना न करना पड़े। यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने के लिए कमेटी की ओर से अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाती है और बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों (वॉलिंटियर्स) की भी तैनाती की जाती है, जो हर कदम पर लोगों की मदद करते हैं।
कौन-कौन रहा बैठक में मौजूद?
आगामी हज यात्रा की तैयारियों को लेकर दिल्ली प्रदेश हज कमेटी की अध्यक्ष कौसर जहां ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में एमसीडी, दिल्ली पुलिस, दिल्ली आश्रय सुधार बोर्ड, दिल्ली जल बोर्ड, सिविल डिफेंस समेत कई संबंधित एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए और व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। बैठक में दिल्ली स्टेट हज कमेटी के कार्यकारी अधिकारी अशफाक अहमद आरफी, उप कार्यकारी अधिकारी मोहसिन अली के साथ-साथ कमेटी के अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे। इससे पहले कौसर जहां ने रामलीला मैदान में प्रस्तावित हज कैंप स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों की स्थिति का आकलन किया था, ताकि हज यात्रियों को बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें।
22,000 यात्री होंगे यात्रा के लिए रवाना
दिल्ली स्टेट हज कमेटी के कार्यकारी अधिकारी अशफाक अहमद आरफी के अनुसार, साल 2026 में दिल्ली से कुल 3,226 हज यात्री पवित्र हज यात्रा पर जाएंगे। वहीं, दिल्ली हज एम्बार्केशन पॉइंट से उत्तर भारत के करीब 22,000 यात्री इस धार्मिक यात्रा के लिए रवाना होंगे। दिल्ली से जाने वाले सभी हाजियों के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। रामलीला मैदान में बनाए जाने वाले ट्रांजिट कैंप से एयरपोर्ट तक यात्रियों को ले जाने के लिए वातानुकूलित (AC) बसों की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही बुजुर्ग यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग से विशेष प्रबंध भी किए जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हज 2026 के लिए दिल्ली से कुल 54 उड़ानें संचालित होंगी, जिन्हें सऊदी एयरलाइंस द्वारा चलाया जाएगा। पहले चरण में 31 उड़ानों के जरिए हज यात्री मदीना मुनव्वरा के लिए रवाना होंगे, जबकि दूसरे चरण में 23 उड़ानों के जरिए यात्रियों को मक्का मुकर्रमा भेजा जाएगा।
