गुरुग्राम

Gurugram: सरियों में लगा जंग, असुरक्षित घोषित हुए चिंटल पैराडाइसो सोसाइटी के 3 टावर, फ्लैट खाली करने के आदेश

गुरुग्राम के चिंटल पैराडाइसो सोसाइटी के तीन टावर असुरक्षित घोषित होने के बाद फ्लैट में रह रहे लोगों को खाली करने के आदेश दिए गए हैं।

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(फाइल फोटो)

गुरुग्राम : गुरुग्राम प्रशासन ने यहां स्थित चिंटल पैराडाइसो हाउसिंग सोसाइटी के तीन टावर ए, बी और सी को खाली करने के आदेश दिये हैं। इन टावर में बने फ्लैट में रह रहे परिवारों को तत्काल प्रभाव से अपने-अपने घरों को खाली करने को कहा गया है। यह आदेश केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) द्वारा की गई संरचनात्मक ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर जारी किया गया है, जिसमें इन टावरों को रहने के लिए असुरक्षित घोषित किया गया था।

गुरुग्राम के उपायुक्त और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 को लागू करने के लिए जारी आदेश के तहत सभी तीन टावर को 15 दिनों के भीतर खाली करना होगा। हालांकि, लोगों के लिए यह किसी परेशानी से कम नहीं है। जानकारी के मुताबिक, बिल्डिंग बनाने में इस्तेमाल किया गये मैटेरियल में अब उतना दम नहीं है कि वो आगे तक सुरक्षित रहे। सरियों में जंग लग चुकी है।

2022 में ढह गया टावर

चिंटल पैराडाइसो सोसाइटी के टावर ‘डी’ की छह मंजिलें आंशिक रूप से 10 फरवरी 2022 को ढह गईं थीं, जिससे दो महिलाओं की मौत हो गई थी। लिहाजा, किसी अनहोनी की आशंका के चलते इन्हें जल्द से जल्द खाली करने के आदेश हैं। प्रशासन इस कार्य को 15 दिनों के अंदर करने के लिए तत्पर है। लोगों को कड़े आदेश हैं कि वो जितनी जल्दी हो सके फ्लैट खाली कर दें। जिनके फ्लैट हैं उन्हें क्या आश्वासन दिए गए हैं, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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