गुरुग्राम

Gurugram: पिटबुल डॉग ने महिला पर किया था अटैक, अब कोर्ट ने दिया 2 लाख रुपये मुआवजे का आदेश

  • Produced by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 17, 2022, 04:51 PM IST

Gurugram: गुरुग्राम जिला उपभोक्ता विवाद निस्तारण आयोग ने एक डॉग अटैक के मामले में सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने डॉग मालिक को इस हमले में घायल पीड़िता को मुआवजे के तौर पर 2 लाख रुपये देने का आदेश दिया है। साथ ही अटैक करने वाले पिटबुल डॉग को भी पकड़कर एनजीओ को सौंपने का निर्देश दिया है।

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डॉग मालिक को देना होगा दो लाख मुआवजा (प्रतीकात्मक तस्वीर)

KEY HIGHLIGHTS
  • इस साल 9 अगस्‍त को पिटबुल डॉग ने किया था महिला पर अटैक
  • इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गई थी महिला, चल रहा इलाज
  • अटैक करने वाले डॉग को पकड़ कर एनजीओ को सौंपने का भी निर्देश

Gurugram: गुरुग्राम जिला उपभोक्ता विवाद निस्तारण आयोग ने पिटबुल डॉग अटैक के मामले में एक बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने इस केस की सुनवाई के बाद डॉग मालिक को अटैक की शिकार पीड़िता को मुआवजे के तौर पर 2 लाख रुपये देने और डॉग को पकड़ने का निर्देश दिया है। डॉग के काटने का यह मामला सिविल लाइन इलाके का इस साल 9 अगस्त का है। पिटबुल डॉग ने अटैक कर मुन्‍नी नाम की एक घरेलु सहायिका को जख्‍मी कर दिया था। इस मामले में पीड़िता ने जिला उपभोक्ता विवाद निस्तारण आयोग में केस दायर किया था। जिसकी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दो लाख रुपये मुआवजा देने और पिटबुल डॉग को पकड़कर एनजीओ को सौंपे जाने का फैसला सुनाया है। इस कार्य के लिए 3 माह का समय भी निर्धारित किया है। इसके अलावा, कोर्ट ने नगर निगम को भी स्ट्रीट डॉग के लिए सेल्टर होम्स बनाने का निर्देश दिया है।

पीड़िता की तरफ से कोर्ट में केस की पैरवी करने वाले अधिवक्ता संदीप सैनी ने बताया कि, सिविल लाइन में 9 अगस्त की सुबह घरों में काम करके वापस लौट रही मुन्नी पर पिटबुल डॉग ने हमला कर दिया था। डॉग के इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। घटना के बाद से ही महिला का इलाज चल रहा है, कुछ दिनों तक अस्‍पताल में भी भर्ती रहना पड़ता था। इस दौरान महिला किसी भी तरह का कार्य नहीं कर पाई और उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई।

डॉग मालिक ने नहीं की पीड़िता की कोई मदद

एडवोकेट संदीप सैनी ने बताया कि, इस घटना में पीड़ित महिला के लिए सबसे बुरी स्थिति तब बन गई, जब डॉग मालिक ने किसी भी तरह की आर्थिक मदद करने से इंकार कर दिया। मजबूरन पीड़ित महिला ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया। एडवोकेट ने बताया कि, पीड़ित महिला के इलाज के लिए समाजसेवी संस्थाओं ने उसकी सहायता की। इन मदद से ही महिला अपना इलाज करा सकी। साथ ही इन संस्‍थाओं ने कोर्ट में केस दायर करने और लड़ने में भी पीड़िता की मदद की। संदीप सैनी ने कहा कि, कोर्ट के इस फैसले से अब महिला को अपनी आजीविका चलाने में मदद मिल सकेगी, क्‍योंकि आने वाले कुछ माह तक अभी महिला काम पर नहीं जा सकती है।

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