दिल्ली : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर इस बार राजधानी में आध्यात्मिकता और आधुनिक संगीत का अनोखा मेल देखने को मिलेगा। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (DJJS) की ओर से 3 और 4 सितंबर को द्वारका सेक्टर-10 स्थित DDA ग्राउंड में श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव 2026 आयोजित किया जाएगा। संस्थान के अनुसार, यह उसकी 36वीं जन्माष्टमी प्रस्तुति होगी। इस वर्ष आयोजन की थीम “कृष्ण जन्म लें यदि आज, तो पहचानोगे कैसे आप?” रखी गई है।
महोत्सव में धार्मिक अनुष्ठानों और पारंपरिक प्रस्तुतियों के साथ युवाओं को ध्यान में रखते हुए संगीत का नया प्रयोग भी किया जाएगा। पहली बार लाइव भजन क्लबिंग की प्रस्तुति प्रस्तावित है, जिसमें रॉक बैंड और DJJS के म्यूजिक ग्रुप ‘Eternal Bliss’ के कलाकार कृष्ण भजनों को आधुनिक अंदाज में पेश करेंगे। आयोजकों को उम्मीद है कि करीब 50 हजार लोग इस सामूहिक संगीत अनुभव का हिस्सा बनेंगे।
कार्यक्रम की शुरुआत सैकड़ों वेद-पाठियों द्वारा शुक्ल यजुर्वेद रुद्राष्टाध्यायी के सामूहिक मंत्रोच्चार से होगी। DJJS के मुताबिक, इसमें पारंपरिक वेद-पाठियों के अलावा युवा साधक, कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स और Gen Z से जुड़े प्रतिभागी भी शामिल होंगे। इसके जरिए ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के संदेश को सामने रखने की कोशिश की जाएगी।
महोत्सव में 250 से अधिक कलाकार करीब 15 नृत्य, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियां देंगे। ‘आया कान्हा रंग लगाने’, ‘उधो मोहे ब्रज बिसरत नाहीं’, ‘ग्वालों की टोली’, ‘ब्रज में ढोल बजाओ’ और ‘गोवर्धन लीला’ जैसी प्रस्तुतियों के जरिए कृष्ण की विभिन्न लीलाओं को मंच पर उतारा जाएगा। इनमें कथक, ओडिसी, छऊ, राजस्थानी और बंगाली सहित कई नृत्य शैलियों का इस्तेमाल होगा।
आयोजन का एक अन्य प्रमुख हिस्सा समकालीन मुद्दों पर होने वाले संवाद होंगे। DJJS के साधु-साध्वियां कृष्ण की कथाओं को महिला सुरक्षा, जल संरक्षण और पर्यावरण जैसे विषयों से जोड़कर उनकी व्याख्या करेंगे। साथ ही महारास, गोपियों के वस्त्र हरण, कृष्ण के 16 हजार विवाह और महाभारत में अर्जुन को दिए गए उपदेश जैसे प्रसंगों पर भी दार्शनिक दृष्टिकोण से चर्चा होगी।
महोत्सव के संगीत में 432 Hz ट्यूनिंग का इस्तेमाल किए जाने की बात आयोजकों ने कही है। उनका कहना है कि इससे कार्यक्रम के भावनात्मक और अनुभवात्मक पक्ष को उभारने का प्रयास किया जाएगा। आयोजन का ऑनलाइन प्रसारण भी किया जाएगा, जिससे देश-विदेश के दर्शक इससे जुड़ सकेंगे।
